जर्मनी में मनाया गया इंडिया डे, भारतीय विज्ञान और संस्कृति की दिखी शानदार झलक

जर्मनी की धरती पर हाल ही में भारतीय संस्कृति और विज्ञान की अद्भुत मिसाल देखने को मिली है जहाँ भारतीय दूतावास ने ब्रांडेनबर्ग टेक्निकल यूनिवर्सिटी के सहयोग से कॉटबस शहर में इंडिया डे का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में भारत की वैज्ञानिक प्रगति और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को बहुत ही शानदार तरीके से प्रदर्शित करना था जिसकी जानकारी खुद भारतीय दूतावास ने शनिवार को दी है। इस आयोजन में दोनों देशों के आपसी रिश्तों की मजबूती साफ तौर पर नजर आई और वहां मौजूद लोगों ने भारतीय कला व विज्ञान की जमकर सराहना की।
भारत और जर्मनी के राजनयिक संबंधों के पूरे हुए 75 साल
भारतीय दूतावास की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार यह खास कार्यक्रम बीती 18 सितंबर को आयोजित किया गया था जिसमें मुख्य रूप से भारत और जर्मनी के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के जश्न को भी बहुत ही खास अंदाज में रेखांकित किया गया। इस भव्य आयोजन में लगभग 200 लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और दोनों देशों की दोस्ती को करीब से महसूस किया। इस तरह के आयोजनों से विदेशों में रह रहे भारतीयों का मान सम्मान और ज्यादा बढ़ता है तथा स्थानीय लोगों को भी हमारी संस्कृति को जानने का अच्छा मौका मिलता है।
राजदूत अजीत गुप्ते ने गिनाए दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्र
जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते ने इस कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, व्यापार, निवेश, पर्यटन, कौशल विकास और प्रतिभा तथा श्रम गतिशीलता जैसे तमाम महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों के आपसी संबंधों के लगातार हो रहे विस्तार पर बहुत ही विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे भारत और जर्मनी आने वाले समय में एक दूसरे के साथ मिलकर और ज्यादा तेजी से तरक्की कर सकते हैं जिससे दोनों ही देशों के युवाओं और कामगारों को बहुत बड़ा फायदा मिलने वाला है।
विश्वविद्यालय की अध्यक्ष और छात्र संगठन की रही खास मौजूदगी
ब्रांडेनबर्ग टेक्निकल यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष प्रोफेसर गेजिने ग्रांडे ने इस अवसर पर भारत के साथ अपने विश्वविद्यालय के पुराने और गहरे जुड़ाव को बहुत ही खास अंदाज में याद किया। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में इंडियन स्टूडेंट्स एसोसिएशन कॉटबस यानी आईएसएसी के उपाध्यक्ष ने भी अपनी सक्रिय हिस्सेदारी दर्ज कराई। ऐसे आयोजनों से विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ता है और उन्हें अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का एक बेहतरीन मंच प्राप्त होता है।
प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर की रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत
यह महत्वपूर्ण आयोजन ठीक ऐसे समय पर संपन्न हुआ है जब भारत और जर्मनी अपने आपसी रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए लगातार जोर दे रहे हैं। आपको बता दें कि इसके पिछले सप्ताह ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ फोन पर बहुत ही अहम बातचीत की थी। उस दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत तकनीक और प्रतिभा की आवाजाही जैसे विभिन्न जरूरी क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को भविष्य में और आगे बढ़ाने की अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया था।