नेपाल में बाढ़ का कहर, चीन की सीमा पर फंसे 400 भारतीयों को निकालने की कोशिशें तेज.

Sushma Kumari28 August 20262 min read24 viewsIndia
नेपाल में बाढ़ का कहर, चीन की सीमा पर फंसे 400 भारतीयों को निकालने की कोशिशें तेज.

नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में आए विनाशकारी बाढ़ और भयंकर भूस्खलन के बाद स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। भारत सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए चीन की सीमा पर फंसे लगभग 400 भारतीय नागरिकों से संपर्क साध लिया है और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस आपदा में अब तक मरने वालों की संख्या 543 तक पहुंच गई है, जिससे राहत और बचाव कार्य में भारी चुनौती आ रही है।

विदेश मंत्रालय ने दी आधिकारिक जानकारी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को यह पुष्टि की कि बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार काम कर रहा है। हालांकि, भारी भूस्खलन के कारण सड़कों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, जिससे बचाव टीमों को आगे बढ़ने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 96 भारतीय नागरिक चीनी सीमा से नेपाल की तरफ सुरक्षित पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 320 भारतीय अभी भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में लापता या संपर्क से बाहर हैं।

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राहत और बचाव कार्य की स्थिति

हाल ही में बचाए गए लोगों में तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री शामिल हैं जो शुक्रवार को सुरक्षित दिल्ली पहुंचे। यहां हवाई अड्डे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुद पहुंचकर उनका हालचाल जाना। इसके अलावा, त्रिशूली-आई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर काम करने वाले 63 भारतीय कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं। आपदा जोन में फंसे कुल 117 विदेशी पर्यटकों में से 85 भारतीय नागरिक भी शामिल थे जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

इस भयानक आपदा की शुरुआत 26 अगस्त 2026 को हुई थी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान के अनुसार, यह तबाही ऊंचाई वाले क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने की वजह से आई थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक आपात बैठक बुलाई और प्रधानमंत्री ली क्वियांग ने खुद ग्यारियोंग काउंटी पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया।

भारत की तरफ से लगातार भेजी जा रही है मदद

भारत सरकार ने नेपाल और प्रभावित क्षेत्रों के लिए मानवीय सहायता बढ़ा दी है। भारत ने पहले ही 26 और 27 अगस्त को राहत सामग्री से भरे दो विमान भेज दिए थे। इसके अलावा, शुक्रवार शाम को 12 से 13 टन राहत सामग्री लेकर तीसरा विमान भी रवाना होने वाला है, जिसमें जेनसेट, डिग्निटी किट और जरूरी मेडिकल उपकरण शामिल हैं। लोगों की मदद के लिए नई दिल्ली में 24/7 कंट्रोल रूम के साथ-साथ काठमांडू और बीजिंग में भी इमरजेंसी हेल्पलाइन शुरू की गई हैं। हालांकि, ग्यारियोंग सीमा के पास बांध टूटने की आशंका के चलते कुछ समय के लिए बचाव कार्य रोकने पड़े थे। दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के प्रशासन ने नदियों से सात शव बरामद किए हैं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि वे बाढ़ के पानी में बहकर भारत पहुंचे हैं।

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