क्षेत्रीय संघर्ष के कारण उड़ानों में बाधा के बावजूद भारत ईरान को जीवन रक्षक दवाएं भेजने में मदद कर रहा है
क्षेत्रीय संघर्ष के कारण उड़ानों में बाधा के बावजूद भारत ईरान को जीवन रक्षक दवाएं भेजने में मदद कर रहा है।

नई दिल्ली: क्षेत्र में चल रहे संघर्ष की वजह से उड़ानों के संचालन में दिक्कतें आने के बावजूद भारत मानवीय आधार पर ईरान को जीवन रक्षक दवाएं भेजने की सुविधा दे रहा है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में एक द्विसाप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए भारतीय अधिकारी ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष ने दोनों देशों के बीच फ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इसके बावजूद मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए दवाओं के परिवहन को आसान बनाने के प्रयास जारी हैं।
इसी बीच मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुशानबे में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सरकारी प्रमुखों की बैठक के दौरान ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ से मुलाकात की। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरिफ के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए इस मुलाकात का जिक्र किया।
इससे पहले इस महीने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवल ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई के साथ फोन पर बात की थी। 12 अक्टूबर को हुई इस बातचीत में द्विपक्षीय मुद्दों, क्षेत्रीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।
प्रवक्ता जायसवाल ने एक पिछली ब्रीफिंग में बताया था कि एनएसए डोवल ने इस बातचीत के दौरान भारतीय नाविकों और टैंकरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। यह बातचीत होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग पर लगातार हो रहे हमलों के बीच हुई थी।