भारत सरकार ने फिजी को तोहफे में दिए 12 कृषि ड्रोन, गन्ने की खेती में तकनीक होगी मजबूत.

भारत ने कृषि क्षेत्र में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए फिजी देश को मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार की तरफ से फिजी को कुल 12 कृषि ड्रोन तोहफे में दिए गए हैं। इन ड्रोनों का मुख्य मकसद फिजी में गन्ने की पैदावार को और ज्यादा बेहतर, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना है। भारत के इस कदम से वहां के किसानों को खेती करने में काफी आसानी होगी और फसलों की देखभाल भी अच्छे तरीके से हो सकेगी। यह पूरी जानकारी भारतीय उच्च आयोग द्वारा साझा की गई है।
भारत और फिजी के बीच मजबूत होती कृषि साझेदारी
भारत के उच्चायुक्त Suneet Mehta ने फिजी के लाउटोका शहर में यह सभी 12 कृषि ड्रोन वहां के कृषि, जलमार्ग और चीनी उद्योग मंत्री Tomasi Tunabuna को आधिकारिक तौर पर सौंपे। यह ड्रोन फिजी शुगर कॉर्पोरेशन को दिए गए हैं। इन ड्रोनों के मिलने से फिजी में गन्ने की खेती करने के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आएगा। यह मदद पिछले साल अगस्त के महीने में फिजी के प्रधानमंत्री Sitiveni Rabuka की नई दिल्ली यात्रा के दौरान किए गए वादे के तहत दी गई है। भारतीय उच्च आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है।
भारत और फिजी के रिश्ते कृषि और चीनी के क्षेत्र में बहुत पुराने और मजबूत हैं। भारत की तरफ से समय-समय पर फिजी को कई तरह की मदद दी जाती रही है। इसमें किसानों के लिए अच्छे बीज, मोबाइल मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं और किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण शामिल हैं। फिजी के गन्ने के किसानों को कानपुर के राष्ट्रीय शर्करा संस्थान में विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है। भारत तकनीक, ज्ञान और क्षमता को बढ़ाकर फिजी की मदद कर रहा है ताकि वहां के किसानों और स्थानीय समुदायों को सीधा फायदा मिल सके।
अन्य क्षेत्रों में भी मजबूत हो रहे हैं आपसी संबंध
कृषि क्षेत्र के अलावा भी भारत और फिजी के बीच कई अन्य मुद्दों पर लगातार बातचीत हो रही है। इसी महीने की 8 सितंबर को भारतीय उच्चायुक्त Suneet Mehta ने फिजी के उपप्रधानमंत्री Manoa Kamikamica से मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच कृषि, स्वास्थ्य, व्यापार, व्यवसाय और अर्थव्यवस्था को लेकर आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। इसके अलावा पिछले महीने उच्चायुक्त ने फिजी के भूमि और खनिज संसाधन मंत्री Filimoni Vosarogo से भी मुलाकात की थी, जिसमें खनिज क्षेत्र में सहयोग और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर बात हुई थी।