गयाना के डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत देगा 500 मिलियन डॉलर
भारत ने गयाना के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 500 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन देने का फैसला किया है।

नई दिल्ली: भारत ने गयाना के विकास लक्ष्यों को रफ्तार देने और वहां के डिजिटल परिदृश्य को बदलने के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट लाइन (Line of Credit) देने का फैसला किया है। भारत में गयाना के उच्चायुक्त धर्मकुमार सीराज ने इस वित्तीय सहायता को एक बड़ा मील का पत्थर बताते हुए भारत सरकार का आभार जताया है।
उच्चायुक्त सीराज ने एएनआई (ANI) से बात करते हुए कहा कि इस सुविधा को भारत सरकार द्वारा गयाना की सरकार और वहां के लोगों को दिए गए एक उपहार के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह 500 मिलियन डॉलर की राशि डिजिटल बुनियादी ढांचे में सुधार करने और छोटे एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) को आगे बढ़ाने के उनके लक्ष्य में बहुत मददगार साबित होगी।
सीराज ने भारत के व्यापक अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि गयाना के लिए भारत से सीखने के लिए बहुत कुछ है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के समर्थन और इस वित्तीय सहायता के जरिए गयाना अपनी सफलता की कहानी को तेजी से लिख पाएगा और निर्धारित लक्ष्यों को उम्मीद से पहले हासिल कर लेगा।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत गयाना में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसा सिस्टम शुरू करने की पहल की भी प्रशंसा की गई। उच्चायुक्त के मुताबिक, UPI एक शानदार प्लेटफॉर्म है जो गयाना में व्यापार करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा और देश के विकास की गति को बढ़ाएगा।
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग (CHOGM) के दौरान गयाना के राष्ट्रपति इरफान अली के साथ द्विपक्षीय चर्चा के बाद इस वित्तीय पैकेज की घोषणा की थी। जयशंकर ने बताया कि यह क्रेडिट लाइन सड़कों, स्वास्थ्य और रक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को कवर करेगी।
विदेश मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें पहला UPI डिजिटल भुगतान प्रणाली पर, दूसरा सामुदायिक विकास के लिए 'क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स' पर और तीसरा स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए छोटे एवं मध्यम उद्यमों की क्षमता मजबूत करने से संबंधित है।
राष्ट्रपति इरफान अली ने इस मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। जयशंकर ने कहा कि इन चर्चाओं ने न केवल गयाना बल्कि पूरे क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव के स्तर और तीव्रता को काफी बदल दिया है।