भारत से UAE और गल्फ जाने वालों के लिए बड़ा नियम, अब बोर्डिंग पास पर नहीं लगेगा स्टाम्प.

Nura Basta29 August 20262 min read14 viewsIndia
भारत से UAE और गल्फ जाने वालों के लिए बड़ा नियम, अब बोर्डिंग पास पर नहीं लगेगा स्टाम्प.

भारत से गल्फ देशों जैसे UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जाने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है। ब्यूरो ऑफ़ इमीग्रेशन ने एयरपोर्ट की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है जो 1 सितंबर 2026 से पूरे देश में लागू होने जा रहा है। इस नए नियम के आने से अब विदेश जाने वाले यात्रियों को सफर के दौरान कई तरह की कागजी झंझटों से राहत मिलने वाली है।

अब मोबाइल पर दिखेगा ई-बोर्डिंग पास

नए नियमों के अनुसार अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से यात्रा करने वाले यात्रियों को इमीग्रेशन क्लियरेंस के लिए प्रिंटेड बोर्डिंग पास साथ रखने की कोई जरूरत नहीं होगी। यात्री अब अपने स्मार्टफोन पर एयरलाइन ऐप, मोबाइल वॉलेट या डिजिटल पास के जरिए ई-बोर्डिंग पास दिखा सकते हैं, जिसे पूरी तरह से मान्य किया जाएगा। हालांकि अगर किसी यात्री के पास फिजिकल बोर्डिंग पास है तो वह भी वैध रहेगा और उसे स्वीकार किया जाएगा, लेकिन उस पर किसी भी तरह की मुहर यानी स्टाम्प नहीं लगाई जाएगी।

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स्टाम्प न लगने से बचेगा समय

अधिकारियों के मुताबिक इमीग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टाम्प लगाने की प्रथा को पूरी तरह से बंद कर दिया जा रहा है। यह नया नियम भारत के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर लागू होगा। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को गलत या अस्पष्ट स्टाम्प लगने की वजह से होने वाली परेशानियों से बचाना है और मुख्य एयरपोर्ट्स जैसे केरल, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, कोझिकोड, कोच्चि और लखनऊ पर इमीग्रेशन प्रक्रिया को और ज्यादा तेज व आसान बनाना है।

गल्फ प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देश

हवाई अड्डा प्राधिकरण और CISF के कर्मचारियों को इन नए बदलावों के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। ब्यूरो ऑफ़ इमीग्रेशन ने साफ किया है कि इस बदलाव का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि यात्रा के लिए बोर्डिंग पास जरूरी नहीं है। इसके अलावा पासपोर्ट, वीजा, रेजिडेंस परमिट या देश-विशेष के एंट्री डॉक्यूमेंट्स के नियम पहले जैसे ही रहेंगे। जो लोग गल्फ देशों में रहते हैं, उन्हें अपना UAE रेजिडेंस वीजा या Emirates ID, सऊदी इक़ामा, कतर आईडी, कुवैत रेजिडेंसी, बहरीन परमिट या ओमान रेजिडेंस स्टेटस हर हाल में वैध रखना होगा।

इन बातों का रखना होगा खास ख्याल

जो यात्री डिजिटल बोर्डिंग पास का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने मोबाइल फोन को पूरी तरह चार्ज रखें और पास को एयरलाइन ऐप, फोन वॉलेट या फिर ऑफलाइन स्क्रीनशॉट के रूप में सेव करके रखें ताकि एयरपोर्ट पर इंटरनेट या कनेक्टिविटी की समस्या न आए। इसके अलावा जो यात्री फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) से जुड़े हैं, वे ई-गेट्स पर ई-बोर्डिंग पास का इस्तेमाल करके अपनी इमीग्रेशन प्रक्रिया को और भी तेजी से पूरा कर सकते हैं। सुरक्षा जांच के लिए CISF पहले ही बोर्डिंग पास पर स्टाम्प लगाने की प्रक्रिया बंद कर चुका है, और अब इमीग्रेशन में भी यह बदलाव लागू हो गया है।

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