भारत-इंडोनेशिया का गरुड़ शक्ति 2026 अभ्यास इंडोनेशिया के बन्युवांगी में हुआ पूरा
भारत और इंडोनेशिया के स्पेशल फोर्सेज के बीच गरुड़ शक्ति 2026 अभ्यास संपन्न हुआ। सैनिकों ने जंगल युद्ध और ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण लिया।

बन्युवांगी (इंडोनेशिया): भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) और इंडोनेशियाई स्पेशल फोर्सेज के बीच संयुक्त विशेष बल अभ्यास 'गरुड़ शक्ति 2026' गुरुवार को संपन्न हो गया। इस 11वें संस्करण के दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने गहन प्रशिक्षण और 48 घंटे के वैलिडेशन एक्सरसाइज में हिस्सा लिया।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ, परिचालन समन्वय और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना था। प्रशिक्षण के दौरान चुनौतीपूर्ण जंगली इलाकों में स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशंस पर खास ध्यान दिया गया। इसमें कॉम्बैट मार्कसमैनशिप, बाधाओं को पार करना, पर्वतारोहण, हेली-बोर्न ऑपरेशंस, टैक्टिकल पेट्रोलिंग और कॉम्बैट ट्रैकिंग जैसे अभ्यास शामिल थे।
हेली-बोर्न ऑपरेशंस के तहत सैनिकों ने एयर असॉल्ट मिशन के पूरे क्रम का अभ्यास किया। इसमें तेजी से घुसपैठ करने, लैंडिंग जोन को सुरक्षित करने और घने जंगलों में टैक्टिकल पेट्रोलिंग के साथ निर्धारित मिशनों को पूरा करना शामिल था। प्रेस रिलीज के अनुसार, इससे चुनौतीपूर्ण वातावरण में काम करने की क्षमता और सामरिक गतिशीलता मजबूत हुई है।
सैनिकों ने जंगल के इलाकों में जमीन के संकेतों और गड़बड़ियों की पहचान कर उनका पीछा करने के लिए कॉम्बैट ट्रैकिंग की विशेष तकनीकों का भी अभ्यास किया। इसके अलावा, सामरिक अभियानों के दौरान निगरानी, टोही और स्थितिजन्य जागरूकता बढ़ाने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया। दोनों देशों की टुकड़ियों ने हथियारों, उपकरणों और परिचालन तकनीकों के अपने अनुभव एक-दूसरे के साथ साझा किए।
अभ्यास के अंतिम चरण में सात दिनों के प्रशिक्षण के बाद 48 घंटे का वैलिडेशन एक्सरसाइज किया गया। सिम्युलेटेड परिचालन स्थितियों में आयोजित इस टेस्ट के जरिए पेट्रोलिंग, कॉम्बैट ट्रैकिंग और पर्वतारोहण में सैनिकों की दक्षता और सहनशक्ति को परखा गया।
5 नवंबर 2026 को आयोजित समापन समारोह में इंडोनेशिया में भारत के राजदूत और इंडोनेशियाई सेना के डिवीजन 2 के कमांडर मौजूद रहे। इस दौरान सभी प्रशिक्षण उद्देश्यों के सफलतापूर्वक पूरा होने की पुष्टि की गई। इस अभ्यास ने दोनों देशों के रक्षा संबंधों और सैन्य सहयोग को और मजबूती दी है।