भारत और कुवैत 2027 में मनाएंगे राजनयिक संबंधों के 65 साल, होगी बड़ी तैयारियां
भारत और कुवैत 2027 में अपने राजनयिक संबंधों के 65 साल पूरे होने पर सांस्कृतिक और आर्थिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।

कुवैत: भारत और कुवैत साल 2027 में अपने राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस खास मौके पर कुवैत में भारतीय दूतावास सांस्कृतिक, सामुदायिक और आर्थिक गतिविधियों की एक लंबी श्रृंखला आयोजित करेगा।
इन योजनाओं की जानकारी कुवैत में भारत की राजदूत एच.ई. परमिता त्रिपाठी ने दी। उन्होंने 31 अक्टूबर 2026 को 'इंडिया-कुवैत मीडिया कनेक्ट' (IKMC) की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह विवरण साझा किया। यह प्लेटफॉर्म कुवैत के मीडिया के साथ जुड़ाव बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों के समन्वय के लिए बनाया गया है।
राजदूत त्रिपाठी ने बताया कि 2027 की शुरुआत काफी व्यस्त रहने वाली है। इसमें राजनयिक तस्वीरों की प्रदर्शनी, सामुदायिक मिलन समारोह और रमजान से पहले एक फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, भारत की पारंपरिक कला, शिल्प और व्यंजनों को प्रदर्शित करने के लिए 'भारत मेला' भी लगाया जाएगा।
ये सभी कार्यक्रम 26 जनवरी 2027 को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के साथ मेल खाएंगे, जिसमें भारतीय मिशन में आधिकारिक रिसेप्शन भी आयोजित होंगे। इन बड़े आयोजनों से पहले, दूतावास 2 और 3 नवंबर 2026 को सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए 'दिवाली दीवानिया' का आयोजन कर रहा है।
साझेदारी के संदर्भ में राजदूत त्रिपाठी ने बताया कि 2026-27 वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि 7.8% रही है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कम्युनिकेशन और गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन में हुई प्रगति का भी जिक्र किया।
दोनों देशों के बीच अब तक 30 से अधिक समझौतों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुवैत यात्रा के दौरान इस द्विपक्षीय रिश्ते को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया था।
हालिया गतिविधियों की बात करें तो 28 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक हुई। वहीं 24 अक्टूबर 2026 को ARMS4U के सहयोग से रौदा पार्क में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया था।