दोहा में 36 ओलंपिक कोटा दांव पर, भारतीय निशानेबाज उतरे LA 2028 की दौड़ में
दोहा विश्व चैंपियनशिप में भारतीय निशानेबाजों ने LA 2028 ओलंपिक कोटा के लिए अपनी मुहिम शुरू की। 36 कोटा स्थानों के लिए मुकाबला होगा।

दोहा (कतर): भारतीय निशानेबाजों ने लुसैल शूटिंग कॉम्प्लेक्स में शुरू हुई आईएसएसएफ (ISSF) वर्ल्ड चैंपियनशिप राइफल/पिस्तौल/शॉटगन के जरिए लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक की राह पकड़ ली है। 1 नवंबर से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में पदक स्पर्धाएं 3 से 13 नवंबर तक चलेंगी।
दोहा में हो रही यह चैंपियनशिप LA 2028 के लिए पहला और इस चक्र का सबसे बड़ा क्वालीफिकेशन इवेंट है। यहाँ कुल 36 ओलंपिक कोटा स्थान उपलब्ध हैं, जिनमें 12 व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धाओं में प्रत्येक के लिए तीन कोटा दिए जाएंगे। एशियाई खेलों में शूटिंग के लिए कोई कोटा स्थान नहीं था, इसलिए लॉस एंजिल्स के लिए जगह पक्की करने का यह भारत का पहला मौका है।
एनआरएआई (NRAI) की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रत्येक देश यहाँ प्रति इवेंट एक कोटा जीत सकता है, जिससे भारत की पहुंच में अधिकतम 12 कोटा स्थान हैं। भारतीय टीम अच्छी लय में है, जिसने आइची-नागोया एशियाई खेलों में शूटिंग में 15 पदक जीते थे, जिनमें छह पदक शॉटगन में आए थे।
शॉटगन समूह का नेतृत्व नीरू ढांडा कर रही हैं, जिन्होंने एशियाई खेलों में महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता था। उनके साथ ट्रैप में 2025 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता जोरावर सिंह संधू और स्कीट में अनंतजीत सिंह नरुका, भवतेघ सिंह गिल, मैराज अहमद खान, रायजा ढिल्लों और परीनाज़ ढिल्लों शामिल हैं।
पिस्तौल टीम की कमान दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर संभाल रही हैं, जबकि एशियाई खेलों की एयर पिस्तौल मिश्रित टीम चैंपियन सुरुचि और कमलजीत भी टीम का हिस्सा हैं। राइफल टीम का नेतृत्व आइची-नागोया के व्यक्तिगत रजत पदक विजेता एलवेनिल वलारिवन और हिमांशु ढिल्लो कर रहे हैं। भारत ने प्रत्येक व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धा में तीन निशानेबाजों और चार मिश्रित टीम स्पर्धाओं में दो जोड़ियों को उतारा है।
एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि इस सीजन की पूरी तैयारी इसी पल के लिए की गई थी। उन्होंने बताया कि टीम ने एशियाई खेलों की लय को नेशनल कैंप में बरकरार रखा और निशानेबाज पूरी तैयारी के साथ दोहा पहुंचे हैं। उनके मुताबिक, यहाँ जीते गए कोटा स्थान भारत को लॉस एंजिल्स की योजना बनाने के लिए लंबा समय देंगे।
एनआरएआई के महासचिव पवनकुमार सिंह ने बताया कि टीम के हर एथलीट ने एक स्पष्ट प्रदर्शन बेंचमार्क के आधार पर ट्रेनिंग की है। उन्होंने कहा कि डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में कैंप को अनुशासन के आधार पर चरणों में चलाया गया, जिससे राइफल, पिस्तौल और शॉटगन निशानेबाजों को कोच के साथ समर्पित समय मिला। उन्होंने दावा किया कि भारत अपनी सभी 16 स्पर्धाओं में दावेदारी रखने और LA 2028 अभियान की मजबूत शुरुआत करने के लिए तैयार है।