बाकू इंटरनेशनल बुक फेयर में भारत की साहित्यिक विरासत ने खींचा सबका ध्यान अजरबैजान के संस्कृति मंत्री ने भी किया दौरा
अजरबैजान के बाकू इंटरनेशनल बुक फेयर में भारतीय स्टॉल ने सबका ध्यान खींचा, संस्कृति मंत्री आदिल करीमली ने भी किया दौरा।

बाकू (अजरबैजान): अजरबैजान में आयोजित 12वें बाकू इंटरनेशनल बुक फेयर में भारत की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित किया गया है। अजरबैजान में भारतीय दूतावास ने इस मेले में एक खास स्टॉल लगाया है, जो यहां आने वाले लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।
अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार ने भारतीय स्टॉल का उद्घाटन किया। इस दौरान अजरबैजान के संस्कृति मंत्री आदिल करीमली ने स्टॉल का दौरा किया, जहां राजदूत ने उन्हें भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाने वाली विभिन्न किताबों से रूबरू कराया।
राजदूत अभय कुमार ने संस्कृति मंत्री करीमली को अजरबैजानी भाषा में महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित एक किताब भेंट की। इसके साथ ही उन्होंने मंत्री को हनुमान चालीसा का अंग्रेजी अनुवाद भी सौंपा, जिसका अनुवाद खुद राजदूत ने किया है।
इस स्टॉल पर भारत के ऐतिहासिक स्मारकों, पर्यटन स्थलों और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों से जुड़ी किताबों का बड़ा संग्रह रखा गया है। यहां आने वाले राजनयिकों, छात्रों और किताब प्रेमियों ने भारत की विविधता और वास्तुकला से जुड़ी जानकारियों में गहरी रुचि दिखाई है।
पर्यटकों के लिए भारत के विभिन्न गंतव्यों की जानकारी देने वाले ब्रोशर भी उपलब्ध कराए गए हैं। दूतावास का उद्देश्य किताबों के जरिए दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है।
भारतीय स्टॉल बाकू इंटरनेशनल बुक फेयर की पूरी अवधि तक खुला रहेगा। लोग पवेलियन 2 के स्टॉल नंबर P2-039 पर जाकर भारत की कहानियों और परंपराओं को करीब से देख सकते हैं।