समुद्री भविष्य के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप और युवाओं की भूमिका अहम: सर्बानंद सोनोवाल

भारत अपनी समुद्री सीमाओं और व्यापारिक संबंधों को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 'सागरमंथन: द ग्रेट ओशन्स डायलॉग 2026' के दूसरे दिन केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सऊदी अरब, बेल्जियम और भूटान के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का समुद्री सफर अब केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखा गया है।
सऊदी अरब के साथ हुई चर्चा में मुख्य रूप से वधवन और गैलाथिया बे जैसे बड़े पोर्ट प्रोजेक्ट्स में सऊदी निवेश की संभावनाओं पर बात हुई। दोनों देशों ने जहाज निर्माण, नाविकों के प्रशिक्षण और एक मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने पर सहमति जताई। वहीं, बेल्जियम के साथ भारत ने 'ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर' बनाने का प्रस्ताव रखा है, जो भारतीय बंदरगाहों को एंटवर्प-ब्रुग्स से जोड़ेगा। इस दिशा में VOC पोर्ट और पोर्ट ऑफ एंटवर्प के बीच ग्रीन शिपिंग और ईंधन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए एक समझौता भी किया गया है।
पड़ोसी देशों से जुड़ाव और महिला सशक्तिकरण
भूटान के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करते हुए मंत्री सोनोवाल ने नेशनल वाटरवे-2 और जोगीघोपा टर्मिनल को भूटान के लिए वैश्विक व्यापार के प्रवेश द्वार के रूप में पेश किया। साथ ही, डिब्रूगढ़ में विकसित हो रहे 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में भूटान के युवाओं को समुद्री प्रशिक्षण देने पर भी चर्चा हुई।
इस आयोजन का एक खास पहलू महिलाओं और युवाओं की भागीदारी रहा। मंत्री सोनोवाल ने बताया कि भारत ने पिछले 12 वर्षों में अपने नाविकों की संख्या 1.27 लाख से बढ़ाकर 3.23 लाख कर ली है, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नाविक प्रदाता बन गया है। 'सागर में सम्मान' पहल के चलते महिला नाविकों की संख्या 2021 के 1,599 से बढ़कर 2025 तक 7,033 हो गई है। भारत का लक्ष्य 'मिशन 20%' के जरिए 2030 तक इस हिस्सेदारी को और बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब एक भरोसेमंद समुद्री भागीदार के रूप में उभर रहा है। शिपयार्ड और ITI की साझेदारी से युवाओं को ऑन-जॉब ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर सकें। इस कार्यक्रम के दौरान ग्लोबल ट्रेड चोकपॉइंट्स, AI और ग्रीन पोर्ट्स जैसे आधुनिक विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।