भारत और नेपाल के रिश्ते हुए मजबूत, बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी गई मदद

Nura Basta19 September 20262 min read18 viewsIndia
भारत और नेपाल के रिश्ते हुए मजबूत, बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी गई मदद

नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भारत और नेपाल के बीच रणनीतिक द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले और विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुनु महावर शामिल हुए। इस सेमिनार का आयोजन रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज यानी RIS द्वारा किया गया था। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी रिश्तों को और अधिक मजबूत करना तथा वैश्विक मंच पर मिलकर अपनी बात रखना था।

बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए भारत की मानवीय सहायता

शैक्षणिक और कूटनीतिक चर्चाओं के साथ-साथ भारत ने मानवीय एकजुटता की मिसाल पेश करते हुए नेपाल को भारी मात्रा में राहत सामग्री पहुंचाई है। गत 26 अगस्त को नेपाल में आए विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत लगातार सहायता पहुंचा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय वायु सेना का नौवां विमान 11 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचा। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि इस खेप में तंबू, दवाइयां, स्लीपिंग बैग और फोरेंसिक आपूर्ति शामिल थी, जिसे नेपाल सरकार को सौंप दिया गया।

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भारत के विदेश मंत्रालय यानी MEA ने भी नेपाल के पुनर्निर्माण कार्यों में हरसंभव मदद देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में भारत पूरी तरह से नेपाली जनता के साथ खड़ा है। इससे पहले, नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने रसुवा में आए भयानक फ्लैश फ्लड के बाद चलाए गए बचाव और राहत अभियानों के लिए भारतीय सरकार का दिल से आभार व्यक्त किया।

द्विपक्षीय सहयोग और आपसी रिश्ते

नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान दोनों देशों के मंत्रियों ने पारंपरिक मित्रता को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य केंद्र निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ाना था। इससे पहले के हफ्ते में भी भारत ने नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सुरंगों में बचाव कार्य के लिए आवश्यक उपकरण और फोरेंसिक सामग्री सौंपी थी। भारत ने आपदा के तुरंत बाद से ही अपने विशेष विमानों के जरिए राहत सामग्री और विशेषज्ञ कर्मियों को भेजना शुरू कर दिया था ताकि नेपाल को इस मुसीबत से जल्द से जल्द उबारा जा सके।

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