भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड समझौते की राह हुई आसान, संसद ने पास किया नया कानून

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर को एक नए कानून को मंजूरी दे दी है, जिससे भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। इस समझौते पर इससे पहले 27 अप्रैल को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे। इस नए कानून के पास होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते और अधिक गहरे होंगे तथा आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार इस समझौते के लागू होने से दोनों देशों के व्यापार जगत और आम नागरिकों के लिए अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से मिली थी तेजी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल जुलाई के महीने में न्यूजीलैंड का दौरा किया था। यह पिछले चार दशकों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी, जिसने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई गति प्रदान की। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने आपसी आर्थिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया था। इसके साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया था कि इस फ्री ट्रेड समझौते को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए, ताकि दोनों देशों की जनता और कारोबारियों को इसका सीधा फायदा मिल सके। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हमेशा से बहुत पुराने और गहरे संबंध रहे हैं, जो दोनों देशों के लोगों के आपसी मेल-जोल पर टिके हुए हैं।
व्यापार और निवेश के नए रास्ते होंगे खुले
इस समझौते के पूरी तरह से लागू होने की तारीख से ही भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले 100 प्रतिशत उत्पादों को ड्यूटी-फ्री यानी बिना किसी टैक्स के प्रवेश मिलेगा। इससे भारतीय निर्यातकों को बहुत बड़ा फायदा पहुंचेगा। भारत से जाने वाले सामानों में मुख्य रूप से कपड़े, चमड़े के सामान, जूते, इंजीनियरिंग का सामान, दवाइयां, कृषि उत्पाद और प्रोसेस्ड फूड शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड के सामानों को भी भारतीय बाजार में विशेष पहुंच मिलेगी। न्यूजीलैंड से भारत आने वाले सामानों में मुख्य रूप से लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस और कच्चे चमड़े की खाल शामिल हैं। इसके अलावा यह समझौता दोनों देशों के बीच सेवाओं, निवेश, प्रोफेशनल, छात्र और युवाओं की आवाजाही के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा करेगा, जिससे भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए रास्ते और आसान होंगे।
बड़ी मात्रा में निवेश और सहयोग पर जोर
इस एग्रीमेंट के जरिए भारत में करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही दोनों देश कृषि उत्पादकता, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, पारंपरिक चिकित्सा पद्धति यानी आयुष, टेक्नोलॉजी और व्यापार को बढ़ावा देने के अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, भारत और न्यूजीलैंड अब अपने घरेलू स्तर की सभी कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने में लगे हुए हैं, ताकि इस समझौते को जल्द से जल्द जमीन पर लागू किया जा सके और दोनों देशों के कारोबारियों को इसका लाभ मिलना शुरू हो सके। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप Ministry of Commerce & Industry की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।