भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से पढ़ाई और नौकरी के रास्ते खुले

Aanya19 September 20263 min read24 viewsIndia
भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से पढ़ाई और नौकरी के रास्ते खुले

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA के बाद दोनों देशों के रिश्तों में एक नया मोड़ आया है। न्यूजीलैंड के ट्रेड मिनिस्टर टॉड मैक्ले ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस बात की जानकारी दी है कि इस समझौते से भारतीय छात्रों और कुशल कामगारों के लिए वहां काम करने और पढ़ाई करने के रास्ते बहुत ज्यादा आसान हो गए हैं। इस समझौते के लागू होने से न सिर्फ युवाओं को फायदा मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें शुरू होने की भी पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई और काम करने के नए नियम

न्यूजीलैंड सरकार ने भारतीय छात्रों के लिए नियमों को काफी सरल बना दिया है। जो छात्र न्यूजीलैंड में मास्टर डिग्री या फिर पीएचडी करने के लिए जाएंगे, वे अब वहां पहले से ज्यादा लंबे समय तक काम कर सकेंगे। इसके अलावा पढ़ाई के दौरान भी छात्रों को हफ्ते में कम से कम 20 घंटे काम करने का कानूनी अधिकार मिल गया है। न्यूजीलैंड के मंत्री ने साफ किया है कि उनका देश भारतीय छात्रों का स्वागत करता है जो वहां जाकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करते हैं और फिर अपने देश लौटकर उस अनुभव का लाभ उठाते हैं।

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यह समझौता 27 अप्रैल 2026 को साइन किया गया था, जिसमें दोनों देशों के बीच सेवाओं और लोगों की आवाजाही को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। न्यूजीलैंड ने अपने 118 सेवा क्षेत्रों में बाजार पहुंच और 139 क्षेत्रों में मोस्ट-फेवर्ड-नेशन ट्रीटमेंट देने का वादा किया है। इस एग्रीमेंट के तहत भारतीय छात्रों पर से संख्या की सीमा यानी न्यूमेरिकल कैप को पूरी तरह से हटा दिया गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को वहां जाने का मौका मिलेगा।

पोस्ट-स्टडी वर्क और स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए वीजा कोटा

साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स यानी STEM विषयों से जुड़े बैचलर्स और मास्टर्स डिग्री धारकों को पढ़ाई के बाद अधिकतम 3 साल तक वहां काम करने का मौका मिलेगा। वहीं, डॉक्टोरल यानी पीएचडी धारक छात्र 4 साल तक वहां रहकर नौकरी कर सकते हैं। इसके अलावा कुशल पेशेवरों के लिए एक नया टेम्परेचर एंप्लॉयी एंट्री वीजा रास्ता भी बनाया गया है, जिसके तहत किसी भी समय 5,000 वीजा का कोटा तय किया गया है और इसमें अधिकतम 3 साल तक रुका जा सकता है।

इस कोटे में पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के पेशे शामिल किए गए हैं। इसमें आयुष practitioner, योग सिखाने वाले लोग, भारतीय शेफ और संगीत शिक्षक के अलावा आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा और निर्माण जैसे हाई-डिमांड वाले क्षेत्र भी शामिल हैं। इसके अलावा हर साल 1,000 युवा भारतीयों के लिए मल्टीपल-एंट्री वर्किंग हॉलिडे वीजा की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे वे वहां एक साल तक रह सकें और काम कर सकें।

एक साल के भीतर शुरू हो सकती हैं सीधी उड़ानें

ट्रेड मिनिस्टर टॉड मैक्ले ने व्यापार और निवेश को लेकर भी कई अहम बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच खाद्य पदार्थों, सेवाओं और निवेश के क्षेत्र में आपसी सहयोग काफी बढ़ेगा। चूंकि दोनों देशों में मौसम का चक्र अलग है, इसलिए भारतीय उपभोक्ताओं को न्यूजीलैंड में पैदा होने वाला उच्च गुणवत्ता और सुरक्षित खाना सही समय पर मिल सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने भविष्यवाणी की है कि लगभग एक साल के भीतर भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ानें यानी डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू हो जाएंगी।

इस समझौते से दोनों देशों के बीच पर्यटन, दोस्तों और परिवार से मिलने आने वाले लोगों तथा कारोबारियों की आवाजाही में काफी तेजी आएगी। वस्तुओं के व्यापार की बात करें तो न्यूजीलैंड ने भारत से होने वाले निर्यात पर 100 प्रतिशत ड्यूटी यानी शुल्क को खत्म कर दिया है, जबकि न्यूजीलैंड ने भारत में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इस पूरे समझौते के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप ANI News की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं, जिसमें मंत्री के हवाले से सभी जरूरी जानकारियां साझा की गई हैं।

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