भारत और ओमान ने Strait of Hormuz और क्षेत्रीय सुरक्षा पर की अहम चर्चा

भारत और ओमान के बीच रिश्तों को नई ऊंचाई देने के लिए नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। 15वें 'भारत-ओमान रणनीतिक परामर्श समूह' (Strategic Consultative Group) की इस बैठक में दोनों देशों ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और विशेष रूप से Strait of Hormuz में हो रहे घटनाक्रमों पर भी गहराई से चर्चा की।
इस उच्च स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय की सचिव (CPV और OIA) श्रीप्रिया रंगनाथन और ओमान के विदेश मंत्रालय के राजनीतिक मामलों के अंडरसेक्रेटरी शेख खलीफा बिन अली अल हारथी ने की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने राजनीतिक और रणनीतिक सहयोग के साथ-साथ व्यापार, निवेश और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में अपनी साझेदारी की समीक्षा की।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में समुद्री सुरक्षा एक मुख्य मुद्दा रहा। भारत और ओमान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए एक-दूसरे के विचारों का आदान-प्रदान किया। इसके अलावा, चर्चा में निम्नलिखित बिंदुओं को प्रमुखता दी गई:
- आर्थिक साझेदारी: भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के कार्यान्वयन पर चर्चा हुई ताकि व्यापार को बढ़ावा मिल सके।
- रणनीतिक सहयोग: रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी।
- सामाजिक संबंध: डिजिटल सहयोग, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों (people-to-people ties) को मजबूत करने की बात कही गई।
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के मुताबिक, दोनों देशों ने माना कि पिछले कुछ वर्षों में उनकी रणनीतिक साझेदारी काफी गहरी हुई है। भारत और ओमान ने एक बार फिर इस बात की पुष्टि की कि वे विभिन्न क्षेत्रों में अपने सहयोग को और अधिक विस्तार देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।