भारत सरकार ने मालदीव का चुकाया 45 मिलियन डॉलर ब्याज, पूरा हुआ 150 मिलियन का कर्ज.

नई दिल्ली के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक बड़ी जानकारी साझा की है जिसमें बताया गया कि भारत ने मालदीव की आर्थिक स्थिति को सुधारने में किस तरह मदद की है। भारत सरकार ने पिछले पांच सालों के दौरान लगभग USD 45 million यानी 45 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ब्याज खुद भरा है ताकि मालदीव की सरकार पर वित्तीय दबाव कम हो सके। इस बीच मालदीव ने अपना कुल USD 150 million यानी 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ट्रेजरी बिल का पूरा कर्ज सफलतापूर्वक चुका दिया है।
भारत की तरफ से वित्तीय सहायता और ब्याज का भुगतान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बताया कि मालदीव के अधिकारियों ने केवल मूलधन यानी प्रिंसिपल अमाउंट का भुगतान किया है। वहीं दूसरी तरफ, पिछले पांच वर्षों में इन सभी 150 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिलों पर लगने वाला सारा ब्याज भारत सरकार द्वारा उठाया गया। भारत की तरफ से ब्याज के रूप में कुल मिलाकर करीब USD 45 million की राशि का भुगतान किया गया है। विदेश मंत्रालय का यह कदम भारत की Neighbourhood First नीति और विकास साझेदारी का एक बहुत बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मदद और ट्रेजरी बिल
अधिकारियों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि State Bank of India (SBI) द्वारा सब्सक्राइब किए गए 150 मिलियन डॉलर के कर्ज की आखिरी USD 50 million की किस्त का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया गया है। यह ट्रेजरी बिल साल 2019 में सब्सक्राइब किए गए थे और मालदीव की वित्तीय स्थिति में मदद करने के लिए इन्हें छह बार आगे बढ़ाया गया था। आखिरी 50 मिलियन डॉलर की किस्त का भुगतान 17th September 2024 को पूरा हुआ।
अन्य वित्तीय सहयोग और मुद्रा विनिमय
भारत केवल ट्रेजरी बिल तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि उसने मालदीव के वित्तीय तंत्र को मजबूत करने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए हैं। भारत ने मालदीव को INR 30 billion यानी 30 अरब रुपये की करेंसी स्वैप सुविधा दी है। इसके अलावा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने USD 350 million यानी 350 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बॉन्ड भी खरीदे हैं जो साल 2029 और 2030 तक वैध हैं। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि इस तरह के विकास सहयोग और जरूरी चीजों की सप्लाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
मालदीव वित्त मंत्रालय का बयान और विदेशी मुद्रा भंडार
दूसरी तरफ, मालदीव के वित्त मंत्रालय ने विदेशी मुद्रा की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, अगस्त 2026 के अंत तक देश का आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार लगभग USD 664 million यानी 664 मिलियन डॉलर था। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्ज चुकाने से देश में ईंधन, खाने-पीने की चीजें और दवाइयों जैसी जरूरी चीजों के आयात पर कोई असर नहीं पड़ेगा और नागरिकों के लिए इन चीजों की उपलब्धता हमेशा बनी रहेगी।