भारत-कतर संबंधों की समीक्षा: छठे FOC में पश्चिम एशिया पर भी हुई चर्चा

नई दिल्ली: भारत और कतर ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों के हर पहलू को परखने के लिए बातचीत की। छठी भारत-कतर विदेश कार्यालय परामर्श बैठक (FOC) शुक्रवार को राजधानी नई दिल्ली में हुई। इसमें राजनीतिक संवाद से लेकर व्यापार, निवेश और ऊर्जा तक, और सुरक्षा से लेकर शिक्षा व सांस्कृतिक सहयोग तक, लगभग हर क्षेत्र पर बात हुई। पश्चिम एशिया के ताज़ा घटनाक्रम पर भी दोनों पक्षों ने अपने विचार साझा किए।
बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय (MEA) में सचिव (CPV&OIA) श्रीप्रिया रंगनाथन और कतर के विदेश मंत्रालय के महासचिव अहमद हसन अल-हम्मादी ने की। दोनों पक्षों ने बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और अलग-अलग क्षेत्रों में इसे और मज़बूत करने के तरीकों पर विचार किया।
किन मुद्दों पर हुई बात
विदेश मंत्रालय ने एक्स (पुराना ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा, कौंसुलर मामले, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा हुई। मंत्रालय के मुताबिक़ दोनों देशों ने लोगों के बीच आपसी संपर्क को भी आगे बढ़ाने पर बात की। क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी हुआ, जिनमें पश्चिम एशिया के घटनाक्रम प्रमुख रहे।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत और कतर के ऐतिहासिक रूप से करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में यह रणनीतिक साझेदारी हर क्षेत्र में गहरी हुई है। कतर में बसा बड़ा भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक जीवंत पुल की भूमिका निभा रहा है।
अगला FOC दौर दोहा में आयोजित करने पर भी सहमति बनी है। तारीख़ दोनों पक्षों की सुविधा के अनुसार तय की जाएगी। यह बैठक इस बात का संकेत है कि दोनों देश आपसी सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए संवाद जारी रखना चाहते हैं।