भारत ने गुजरात से रेस्क्यू किए गए बेबी ओरंगुटन को इंडोनेशिया भेजा और पांच अन्य की वापसी की तैयारी की

जकार्ता (इंडोनेशिया): भारत ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सुमात्रा मूल के एक बेबी ओरंगुटन को वापस इंडोनेशिया भेज दिया है। इस बेबी ओरंगुटन को नवंबर 2024 में भारत में रेस्क्यू किया गया था। जकार्ता में भारतीय दूतावास ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी।
भारतीय दूतावास के मुताबिक, यह ओरंगुटन गुजरात से रवाना होकर सोमवार को मेडन के कुआलानामू एयरपोर्ट पहुंचा। एयरपोर्ट पर इंडोनेशिया के वानिकी मंत्रालय ने एक स्वागत समारोह आयोजित किया, जिसमें मेडन स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अधिकारी भी शामिल हुए।
रेस्क्यू के बाद से ही भारतीय वन्यजीव अधिकारियों ने इस ओरंगुटन को जरूरी पशु चिकित्सा देखभाल और रहने के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। दोनों देशों के वन्यजीव संरक्षण एजेंसियों और CITES प्रबंधन अधिकारियों ने प्रोटोकॉल के तहत इसकी वापसी के लिए तालमेल बिठाया।
प्रेस रिलीज में बताया गया कि भारत सरकार ने एक विशेष कदम उठाते हुए ओरंगुटन की देखभाल और रखरखाव पर हुए सभी पुराने खर्चों को माफ कर दिया है। यह कदम भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसके अलावा, सितंबर में ओडिशा में रेस्क्यू किए गए पांच अन्य युवा ओरंगुटन को भी जल्द वापस भेजने की कोशिशें चल रही हैं। ये ओरंगुटन फिलहाल भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में हैं और वहां उनका इलाज चल रहा है। उनकी प्रजाति और मूल स्थान की पुष्टि होने के बाद जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर उन्हें वापस भेजा जाएगा।
जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास अगले महीने इंडोनेशिया के वानिकी मंत्रालय के वन्यजीव विशेषज्ञों की भारत यात्रा की सुविधा भी प्रदान कर रहा है।