सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद फंसे भारतीय तीर्थयात्रियों को वापस लाने की कोशिश में जुटी भारत सरकार
सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमले के बाद भारत सरकार फंसे हुए उमराह और अन्य तीर्थयात्रियों को वापस लाने की कोशिश कर रही है।

रियाद: सऊदी अरब में क्षेत्रीय तनाव और एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद वहां फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए भारत सरकार ने कोशिशें तेज कर दी हैं। विदेश मंत्रालय ने 22 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि वह वहां फंसे भारतीयों की घर वापसी के लिए तालमेल बिठा रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित महावाणिज्य दूतावास एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में करीब 3,000 उमराह यात्री और 10,000 नियमित तीर्थयात्री भारत लौट चुके हैं।
यह पूरी स्थिति 21 अक्टूबर 2026 को दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक घातक हमले के बाद पैदा हुई है। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए हैं। सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण वहां सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे उड़ानों पर काफी असर पड़ा है।
उड़ानों की बात करें तो एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने 24 अक्टूबर तक अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। अकासा एयर ने इस निलंबन को 27 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है, हालांकि साउदिया एयरलाइंस का संचालन जारी है।
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भारत सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि मक्का और मदीना में लगभग 4,000 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं और उनकी जल्द वापसी के लिए विशेष विमान भेजने की मांग की है।
प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम बनाए हैं। रियाद के लिए +966-554412016, +966-542126784, 8002471234 (टोल-फ्री) और +966-536216082 (व्हाट्सएप) नंबर जारी किए गए हैं। वहीं जेद्दा के लिए +966-12-2614093, +966-556122301 और +966-536209704 (व्हाट्सएप) पर संपर्क किया जा सकता है।
मंत्रालय ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर उन्हें फ्लाइट की जानकारी जांचने, स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और सुरक्षा घटनाओं से जुड़ी जानकारी साझा न करने की सलाह दी है। भारत ने सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए उनकी कड़ी निंदा की है।