नेपाल में बाढ़ का कहर, भारत सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाले 149 नागरिक.

Praggya Singh sabal30 August 20262 min read20 viewsIndia
नेपाल में बाढ़ का कहर, भारत सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाले 149 नागरिक.

पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आए भीषण फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जहां अब तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 794 तक पहुंच गया है। नेपाल पुलिस की ओर से रविवार को शाम 5:45 बजे जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस आपदा के बीच राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं, और इसी कड़ी में भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बीते दिन 30 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से कुल 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। भारत की तरफ से यह कदम एक बड़े मानवीय प्रयास के तौर पर उठाया गया है, ताकि संकट में फंसे लोगों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

लापता लोगों की तलाश और राहत सामग्री

नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को दोपहर 1:00 बजे तक भी 2,502 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में प्रशासन जुटा हुआ है। इस लापता सूची में क्षेत्रीय हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के 933 मजदूर, 592 विदेशी नागरिक और अंतरराष्ट्रीय समूहों के साथ यात्रा कर रहे 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा, चीन और नेपाल की सीमा के पास चीनी हिस्से में फंसे 598 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं। वहीं, लगभग 900 अन्य भारतीय बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के मार्गदर्शन में पूरी तरह सुरक्षित हैं और लगातार अधिकारियों के संपर्क में बने हुए हैं। इस पूरे राहत अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी आप विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

भारतीय सेना और तकनीकी टीम का योगदान

नेपाल में मचे इस भारी हाहाकार से निपटने के लिए भारत सरकार ने अपनी तरफ से पूरी ताकत झोंक दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत ने एक 13 सदस्यीय भारतीय सेना की टनल रेस्क्यू टीम और एक 19 सदस्यीय फॉरेंसिक डीएनए एनालिसिस दल को नेपाल भेजा है, जो पीड़ितों की पहचान करने में स्थानीय प्रशासन की मदद कर रहा है। इसके साथ ही भारत ने राहत सामग्री के रूप में करीब 68.5 टन जरूरी सामान एयरलिफ्ट करके भेजा है। इस सामग्री में मुख्य रूप से मेडिकल से जुड़ी जरूरी चीजें, खाने-पीने का सामान और बिजली के लिए जनरेटर शामिल हैं। आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए रसुवा, नुवाकोट और धादिंग इलाकों को फिर से जोड़ने के लिए मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के उपकरण भी लॉजिस्टिक सपोर्ट के तहत लगातार पहुंचाए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्यों से जुड़ी अन्य ताजा अपडेट्स रिलीफवेब की रिपोर्ट में पढ़े जा सकते हैं।

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