कज़ान में भारत-रूस बिज़नेस फोरम से आर्थिक रिश्ते होंगे और मजबूत

कज़ान (रूस): कज़ान में भारत-रूस बिज़नेस फोरम का दूसरा संस्करण शुरू हो रहा है। कज़ान स्थित भारत के कौंसल जनरल जेसुंदर देविप्रसाद ने बुधवार को एएनआई से बातचीत में कहा कि इस फोरम का मकसद दोनों देशों के कारोबारियों को आपस में जोड़ना है।
इस फोरम का नाम 'तातारस्तान इनिशिएटिव म्यूचुअल एफिशिएंसी (TIME)' है। इसकी मेजबानी रूस के गणराज्य तातारस्तान की राजधानी कज़ान में हो रही है। देविप्रसाद ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 60 अरब डॉलर का है और यह लगातार बढ़ रहा है।
कौंसल जनरल ने कहा, "आज हम कज़ान में भारत-रूस बिज़नेस फोरम के दूसरे संस्करण की शुरुआत कर रहे हैं।" उन्होंने बताया कि कज़ान और तातारस्तान रूस के तेज़ी से बढ़ते और समृद्ध क्षेत्रों में शामिल हैं, इसलिए यह आयोजन यहीं किया जा रहा है।
देविप्रसाद ने रक्षा सहयोग का भी ज़िक्र किया। उनके मुताबिक़ दोनों देशों के रक्षा संबंध सोवियत संघ के दौर से चले आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि तातारस्तान में कई रक्षा विनिर्माण इकाइयां हैं, जिनमें कज़ान का हेलीकॉप्टर संयंत्र भी है, जो रशियन हेलीकॉप्टर्स के अधीन आता है।
उन्होंने कहा कि Mi-8 और Mi-17 हेलीकॉप्टर आंशिक या पूरी तरह से तातारस्तान में बनते हैं, और भारत इन्हें खरीदता है। यहां बनने वाले कुछ अन्य उत्पाद भी भारत में खरीदे जाते हैं।
कौंसल जनरल के अनुसार, फोरम में बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) बैठकें होंगी, जिनसे भारतीय और रूसी कंपनियां साझेदारी की संभावनाएं तलाश सकेंगी। उन्होंने कहा कि सीआईआई (CII) और MICCIA के प्रतिनिधि यहां मौजूद हैं और रूसी समकक्षों के साथ बैठकें कर रहे हैं। फोरम में भारतीय और रूसी दोनों कारोबारियों के प्रदर्शन भी लगाए गए हैं।
देविप्रसाद ने बताया कि पिछले 12 महीनों में दोनों देशों के नेता लगभग तीन बार मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगले साल भारत और रूस अपने द्विपक्षीय संबंधों की 80वीं वर्षगांठ मनाएंगे।