भारत और सऊदी अरब ने बिजली ग्रिड को आपस में जोड़ने और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने के लिए की अहम बैठक

नई दिल्ली: भारत और सऊदी अरब ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित इलेक्ट्रिकल इंटरकनेक्शन यानी बिजली ग्रिड को जोड़ने की पहल पर चर्चा की है। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को एक वर्चुअल बैठक के जरिए इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल और सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय में बिजली मामलों के सहायक मंत्री एच.ई. इंजीनियर नासिर अल-काहतानी ने की। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने बिजली क्षेत्र में अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक के दौरान ऊर्जा सहयोग को गहरा करने और आपसी हितों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इंटरकनेक्शन प्रोजेक्ट के अलावा दोनों पक्षों ने तकनीकी सहयोग, ज्ञान साझा करने और बेहतरीन तौर-तरीकों के आदान-प्रदान के अवसरों पर भी बातचीत की।
सऊदी अरब ने एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) ट्रांसमिशन सिस्टम के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। साथ ही नेशनल ग्रिड में रिन्यूएबल एनर्जी यानी अक्षय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
दोनों देशों ने उभरते डेटा सेंटरों की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने की रणनीतियों और सिस्टम की बदलती जरूरतों के हिसाब से ग्रिड कोड को अपडेट करने पर भी विचार-विमर्श किया।
यह पूरी बातचीत दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर आधारित है। यह समझौता ग्रीन और क्लीन हाइड्रोजन, अक्षय ऊर्जा के विकास और सुरक्षित सप्लाई चेन बनाने में सहयोग की सुविधा देता है। इस ढांचे का मकसद पीक डिमांड और आपातकालीन स्थितियों के दौरान बिजली का आदान-प्रदान करना और ऊर्जा परियोजनाओं को मिलकर विकसित करना है।