भारत ने बाढ़ प्रभावित नेपाल को भेजी 11 टन राहत सामग्री, दवाएं और फॉरेंसिक सामान शामिल.

Sushma Kumari19 September 20262 min read15 viewsIndia
भारत ने बाढ़ प्रभावित नेपाल को भेजी 11 टन राहत सामग्री, दवाएं और फॉरेंसिक सामान शामिल.

भारत सरकार ने बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह जूझ रहे पड़ोसी देश नेपाल को अपनी मानवीय सहायता जारी रखते हुए 11 टन राहत सामग्री की एक और खेप भेजी है। इस नई खेप में दवाएं, फॉरेंसिक आपूर्ति, तंबू, स्वच्छता किट और स्लीपिंग बैग जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी और कहा कि भारत नेपाल के पुनर्निर्माण और रिकवरी में पूरा सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही और बचाव कार्य

नेपाल में हाल ही में आए भीषण बाढ़ और landslides की वजह से भारी नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDRRMA द्वारा 18 सितंबर को शाम 7 बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों की कुल संख्या 1,410 तक पहुंच गई है, जिसमें 525 शवों के अवशेष शामिल हैं। सबसे अधिक मौतें चितवन में 364, इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 232, नवलपरासी पश्चिम में 222, नुवाकोट में 202 और रसुवा में 199 दर्ज की गई हैं। आपदा प्राधिकरण के मुताबिक, अभी भी 6,055 लोग लापता हैं जबकि 13,756 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। विभिन्न सुरक्षा बलों ने अब तक 9,984 लोगों को चिकित्सीय सहायता प्रदान की है और राहत अभियानों में नेपाल के सुरक्षा बलों के 20,929 कर्मी तैनात हैं। दुर्गम क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए नेपाल सेना ने अब तक 1,651 उड़ानें भरी हैं, जिसमें 18 सितंबर की 17 उड़ानें भी शामिल हैं, जबकि सशस्त्र पुलिस बल ने 320 उड़ानें संचालित की हैं।

भारत लगातार दे रहा है मदद

भारत की ओर से यह सहायता अगस्त के आखिरी हफ्ते से ही लगातार हवाई उड़ानों के जरिए पहुंचाई जा रही है। पिछले महीने 26 अगस्त को भारत का पहला राहत विमान 10 टन सामग्री के साथ नेपाल पहुंचा था, जिसमें अस्थायी आश्रय, कंबल और दवाइयां थीं। इसके बाद 27 अगस्त को 37.5 टन राहत सामग्री भेजी गई जिसमें जनरेटर, पंप और अन्य जरूरी सामान थे। इसके बाद के दिनों में भी लगातार विमानों के जरिए विशेष बचाव दल, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और जरूरी दवाइयां भेजी गईं। नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इससे पहले जानकारी दी थी कि भारत की आठवीं उड़ान के जरिए टनल रेस्क्यू ऑपरेशन और फॉरेंसिक जांच के उपकरण काठमांडू पहुंचाए गए थे, जिन्हें वहां के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री महावीर पुन को सौंपा गया था। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीमें और भारतीय सेना के जवान भी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव के कामों में लगातार जुटे हुए हैं ताकि हालात जल्द से जल्द सामान्य हो सकें।

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