Nepal Flood: नेपाल में भयानक बाढ़ के बीच भारत ने भेजी चौथी राहत उड़ान, 68.5 टन सामग्री पहुंचाई गई

नेपाल में भारी तबाही मचाने वाली भोटे कोशी नदी की बाढ़ के बाद भारत लगातार मानवीय सहायता पहुंचा रहा है। इसी कड़ी में रविवार, 30 अगस्त 2026 को भारत ने अपनी चौथी राहत उड़ान नेपाल भेजी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इस खेप के पहुंचने की पुष्टि की है, जिसमें 11 टन जरूरी सामान, बचाव के लिए विशेष उपकरण और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम शामिल है। इस आपदा के बाद दोनों देशों के बीच राहत और बचाव कार्य तेजी से किए जा रहे हैं ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द मदद मिल सके।
राहत सामग्री और बचाव कार्य
भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान से भेजी गई इस राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक की चादरें और स्वच्छता किट जैसे जरूरी सामान शामिल हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया के जरिए इस उड़ान के बारे में जानकारी दी और राहत के साथ-साथ पुनर्निर्माण के कार्यों में भी नेपाल को पूरा सहयोग देने की बात दोहराई। इस विमान के जरिए एक तकनीकी दल भी भेजा गया है जो सुरंग में खोज और बचाव के जटिल अभियानों में मदद करेगा। इसके अलावा डीएनए विश्लेषण तकनीक से लैस फोरेंसिक विशेषज्ञ भी पहुंचे हैं ताकि पीड़ितों की पहचान आसानी से हो सके। इस नवीनतम खेप को मिलाकर भारत अब तक काठमांडू के लिए कुल 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से भेज चुका है।
सड़क मार्ग से भी पहुंच रही है मदद
हवाई मदद के अलावा भारतीय सरकार ने सड़क मार्ग से भी सामान भेजना शुरू कर दिया है। 16 ट्रकों में लादकर 230 फीट लंबा सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज तैयार करने का सामान नेपाल पहुंच चुका है। इसके अलावा भारत सात और बेली ब्रिज तथा उन्हें लगाने वाली टीमों को भेजने की तैयारी कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार, 29 अगस्त की रात 22:30 बजे तक की जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावित इलाकों से कुल 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक 40 नागरिकों से संपर्क फिर से हो गया है और 598 लोग चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि लापता भारतीयों की संख्या अभी भी 275 बनी हुई है।
स्थानीय प्रशासन की चेतावनी और राहत के कदम
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बाढ़ से प्रभावित सभी नागरिकों के पुनर्वास तक लगातार काम करने का संकल्प लिया है। इस बीच, नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी NDRRMA ने रविवार को एक जरूरी सार्वजनिक सुरक्षा चेतावनी जारी की है। इसमें भोटे कोशी नदी के पानी के बहाव में अचानक हुई भारी वृद्धि के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और राहत कर्मियों को बहुत सावधान रहने के लिए कहा गया है। आप इस पूरी घटना से जुड़ी अधिक जानकारी ANI News की रिपोर्ट पर जाकर पढ़ सकते हैं।