नेपाल में बाढ़ से तबाह हुए स्कूल का भारत कराएगा पुनर्निर्माण, राजदूत ने दिया बड़ा भरोसा।

Aanya1 September 20262 min read36 viewsWorld
नेपाल में बाढ़ से तबाह हुए स्कूल का भारत कराएगा पुनर्निर्माण, राजदूत ने दिया बड़ा भरोसा।

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण पूरी तरह से तबाह हो चुके त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण का जिम्मा अब भारत सरकार ने अपने हाथों में ले लिया है। इस बात की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में एक नई उम्मीद जाग गई है क्योंकि यह स्कूल इलाके के बच्चों की शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने स्कूल के प्रधानाचार्य राजेन्द्र दवाड़ी से विशेष बातचीत की और इस मुश्किल वक्त में हर संभव मदद का भरोसा दिया।

समय पर सूझबूझ से बची थी बड़ी जान-माल की हानि

बीते सप्ताह नुवाकोट जिले के विदुर स्थित त्रिशूली बाजार में अचानक बाढ़ आ गई थी, जिसके तेज बहाव में इस स्कूल की पूरी इमारत देखते ही देखते बह गई। गनीमत यह रही कि बाढ़ आने से ठीक पहले प्रधानाचार्य राजेन्द्र दवाड़ी ने अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और समय रहते स्कूल में पढ़ने वाले करीब 1600 विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था। उनकी इस बहादुरी और सतर्कता के कारण कोई भी बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ और सभी बच्चों की जान सुरक्षित बचा ली गई, जिसकी सराहना हर तरफ हो रही है।

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भारत और नेपाल के पुराने रिश्तों का प्रतीक है यह विद्यालय

यह स्कूल भारत और नेपाल के आपसी सहयोग और मजबूत दोस्ती का एक बेहतरीन उदाहरण रहा है। इस विद्यालय की स्थापना 1950 के दशक में त्रिशूली जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान भारतीय सहयोग से की गई थी। इसके बाद समय के साथ जरूरत को देखते हुए इस विद्यालय का नया भवन भी वर्ष 2022 में भारत के आर्थिक सहयोग से ही तैयार किया गया था, जो अब बाढ़ के पानी में पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुका है।

बाढ़ की इस भयंकर तबाही के बाद जब स्कूल का भवन पूरी तरह नष्ट हो गया, तब भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने प्रधानाचार्य राजेन्द्र दवाड़ी से फोन पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार इस आपदा की घड़ी में नेपाल के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और भारत की तरफ से इस विद्यालय का पुनर्निर्माण फिर से कराया जाएगा ताकि बच्चों की पढ़ाई लिखाई का नुकसान लंबे समय तक न हो सके।

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