भारत और यूएई ने 2032 तक 200 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा है जिसमें तकनीक और इनोवेशन पर रहेगा जोर

Mohd. Irfan18 October 20261 min read0 viewsUAE
भारत और यूएई ने 2032 तक 200 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा है जिसमें तकनीक और इनोवेशन पर रहेगा जोर

दुबई: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) साल 2032 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। इस लक्ष्य को पाने के लिए दोनों देश तकनीक, इनोवेशन, स्टार्टअप और फिनटेक सेक्टर में तेजी से काम कर रहे हैं।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार हाल ही में 101.25 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। यह लगातार दूसरा साल है जब यह आंकड़ा 100 अरब डॉलर के पार गया है। इसमें भारत से यूएई को होने वाला निर्यात 37.35 अरब डॉलर से ज्यादा रहा है।

इस आर्थिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 19-20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की मेजबानी करेंगे। इस मुलाकात में फिनटेक, ऊर्जा, निवेश और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

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इससे पहले अबू धाबी में हुए रायसीना मिडिल ईस्ट 2026 कार्यक्रम में भारत, यूएई और अफ्रीका के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर बातचीत हुई थी।

हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में मई 2026 में भारत के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) और यूएई की कंपनी G42 के बीच आठ-एक्सफ्लॉप सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर विकसित करने के लिए साझेदारी हुई थी।

यूएई ने भारत में 25 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त निवेश करने का संकेत दिया है। यूएई का दीर्घकालिक लक्ष्य स्पेस टेक्नोलॉजी, एआई और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कुल 100 अरब डॉलर का निवेश करना है।

व्यापारिक महत्वाकांक्षाओं को गति देने के लिए 2 और 3 नवंबर 2026 को दुबई फिनटेक समिट और 8-9 दिसंबर 2026 को इंडिया ग्लोबल फोरम मिडिल ईस्ट का आयोजन किया जाएगा।

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