भारत और यूएई ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है

नई दिल्ली: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अपनी आर्थिक साझेदारी को तेजी से बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों ने साल 2032 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का औपचारिक लक्ष्य तय किया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले दो सालों से व्यापार 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 101.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया। भारत ने यूएई को 37.35 अरब डॉलर से ज्यादा का निर्यात किया है, जिससे यूएई भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य और तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है।
व्यापार में इस बढ़त का श्रेय व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को दिया जा रहा है, जो 1 मई 2022 से लागू है। इस समझौते के बाद 80 प्रतिशत से अधिक उत्पादों पर टैरिफ कम हुए हैं, जिससे दुबई के लिए गैर-तेल द्विपक्षीय व्यापार में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
भविष्य की ग्रोथ के लिए दोनों देश इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और फिनटेक पर ध्यान दे रहे हैं। भारत अपने 7.97 लाख से अधिक स्टार्टअप्स के अनुभव के साथ यूएई के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और यूपीआई (UPI) जैसे पेमेंट सिस्टम को यूएई नेटवर्क से जोड़ने पर काम कर रहा है।
निवेश के मोर्चे पर यूएई अब तक भारत में करीब 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है। आने वाले समय में 25 अरब डॉलर और निवेश करने की योजना है, जबकि कुल निवेश का दीर्घकालिक लक्ष्य 100 अरब डॉलर रखा गया है। यह पैसा बंदरगाहों, जहाज निर्माण, अंतरिक्ष, लॉजिस्टिक्स, एआई, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगाया जाएगा।
28 सितंबर 2026 को निवेश पर उच्च स्तरीय संयुक्त टास्क फोर्स की 14वीं बैठक हुई। इसमें अधिकारियों ने स्थानीय मुद्राओं (INR और AED) में व्यापार निपटान और वित्तीय लेनदेन को आसान बनाने के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी विकसित करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।
रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाते हुए यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान 19 और 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान रक्षा, कनेक्टिविटी और फिनटेक में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इससे ठीक पहले 18 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड में 'माउंटेन गार्डियन 2026' संयुक्त सैन्य अभ्यास भी संपन्न हुआ है।