भारत और यूएई की रणनीतिक साझेदारी उम्मीदों पर खरी उतर रही है और द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार पहुंचा: एस जयशंकर

मुंबई (महाराष्ट्र): विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूएई के बीच संबंध एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के वादे को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने मुंबई में यूएई के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक के दौरान आर्थिक सहयोग में हो रही बढ़ोतरी पर जोर दिया।
जयशंकर ने बताया कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर होने के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बावजूद यह साझेदारी नए मील के पत्थर हासिल कर रही है।
विदेश मंत्री के मुताबिक, एक दशक से अधिक के निरंतर जुड़ाव के बाद अब यह रिश्ता वास्तव में एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बातचीत और मुलाकातों में काफी तेजी आई है।
जयशंकर ने आर्थिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि और दोनों तरफ से बढ़ते निवेश यह दर्शाते हैं कि व्यवसायों को एक-दूसरे की अर्थव्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने रक्षा, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को रणनीतिक बताया और कहा कि लोगों के बीच आपसी संबंध और सांस्कृतिक साझेदारी भी मजबूत हो रही है।
शेख अब्दुल्ला सोमवार को अपनी आधिकारिक यात्रा पर मुंबई पहुंचे थे, जहां महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह उच्च स्तरीय यात्रा भारत और यूएई के बीच करीबी जुड़ाव को दर्शाती है और इससे रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।
यह बैठक विदेश मंत्री जयशंकर की 14 से 16 अक्टूबर तक की यूएई यात्रा के बाद हुई है। उस दौरान उन्होंने अमीराती नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों और खाड़ी क्षेत्र की स्थितियों पर चर्चा की थी। जयशंकर ने अबू धाबी में रायसीना मिडिल ईस्ट डायलॉग में भी हिस्सा लिया था, जिसमें क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर बात हुई थी।