मुंबई में भारत यूएई और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय बैठक हुई जिसमें आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा की गई

मुंबई: भारत, यूएई और अमेरिका के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने के लिए मंगलवार को मुंबई में एक त्रिपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो शामिल हुए। यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम बिंत इब्राहिम अल हाशमी भी इस चर्चा का हिस्सा रहीं।
बैठक के दौरान तीनों देशों ने व्यापार, निवेश, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। नेताओं ने क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर बातचीत की। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी से पड़ने वाले आर्थिक असर पर भी चर्चा हुई। भारत ने सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे पर हूती हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई।
डॉ. जयशंकर ने इस संवाद को ऊर्जा और कनेक्टिविटी के लिहाज से काफी उत्पादक बताया। उन्होंने जानकारी दी कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद से भारत और यूएई की आर्थिक साझेदारी 100 अरब अमेरिकी डॉलर के पार पहुंच गई है।
अलग से हुई द्विपक्षीय बातचीत में मार्को रूबियो और डॉ. जयशंकर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति पर चर्चा की, जिसे अधिकारी अंतिम चरण में बता रहे हैं। डॉ. जयशंकर ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहवुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण के मामले में अमेरिका के सहयोग की सराहना की और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मुंबई के ताज मेमोरियल जाकर 26/11 हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। यह सारी कूटनीतिक गतिविधियां ऐसे समय में हुई हैं जब अमेरिका ने भारतीय तेल आयात पर टैरिफ हटाने का फैसला किया है, जिसका मकसद व्यापार में फिर से तेजी लाना है।