Dubai में भारत ने जीता Asia Cup, लेकिन PCB चेयरमैन से ट्रॉफी लेने से किया साफ इनकार।

Sushma Kumari14 September 20264 min read29 viewsIndia
Dubai में भारत ने जीता Asia Cup, लेकिन PCB चेयरमैन से ट्रॉफी लेने से किया साफ इनकार।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार Women T20 Asia Cup का खिताब अपने नाम किया। इस शानदार जीत के बाद मैदान पर एक अजीब सा सन्नाटा और तनाव देखने को मिला जब भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन Mohsin Naqvi के हाथों से विजेता ट्रॉफी लेने से पूरी तरह मना कर दिया। मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों का यह कदम खेल के मैदान पर चल रहे राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव को साफ तौर पर बयां कर रहा था।

मैदान पर भारत का शानदार प्रदर्शन

मैच की शुरुआत में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 183 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारत की तरफ से ओपनिंग में उतरीं Shafali Verma ने मात्र 39 गेंदों पर 68 रनों की तूफानी पारी खेली, जबकि Smriti Mandhana ने भी 39 गेंदों पर 59 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई 129 रनों की यह साझेदारी महिला एशिया कप के फाइनल इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी बन गई है। इसके अलावा शिफाली वर्मा ने महज 24 गेंदों में ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड है।

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लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और पूरी टीम मिलकर केवल 111 रन ही बना सकी। भारत की तरफ से गेंदबाजी में Shree Charani ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए, जबकि Deepti Sharma ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए। श्रीलंका की तरफ से कप्तान Chamari Athapaththu ने सबसे ज्यादा 36 रन बनाए। इस तरह भारतीय महिला टीम पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच हारे बिना अजेय रहते हुए चैंपियन बनी और साल 2024 के फाइनल में दंबुल्ला में मिली हार का बदला भी पूरा कर लिया।

ट्रॉफी समारोह में क्यों हुआ विवाद

मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में काफी देरी हुई क्योंकि आयोजकों ने पहले उपविजेता टीम को सम्मानित किया और उसके बाद बिना किसी आधिकारिक ट्रॉफी के समारोह को समाप्त कर दिया। बीसीसीआई (BCCI) सचिव Devajit Saikia ने PTI और ESPNcricinfo को बताया कि यह फैसला खिलाड़ियों का कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं था बल्कि यह बोर्ड का एक संस्थागत रुख था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय बोर्ड ने एशियन क्रिकेट काउंसिल को बहुत पहले ही बता दिया था कि टीम मोहसिन नकवी के हाथों से कोई भी पुरस्कार या सम्मान स्वीकार नहीं करेगी।

बीसीसीआई का मानना है कि मोहसिन नकवी जो कि पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख भी हैं, लगातार भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। ऐसा ही वाकया साल 2025 के पुरुष एशिया कप के फाइनल के दौरान भी हुआ था जब भारतीय पुरुष टीम ने भी दुबई में इसी अधिकारी से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया था। बीसीसीआई सचिव के अनुसार वह ट्रॉफी अभी भी एशियन क्रिकेट काउंसिल के पास ही मौजूद है।

टीम का अनौपचारिक जश्न और आगे की तैयारी

भारतीय टीम के मुख्य कोच Amol Muzumdar ने भी बोर्ड के इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि टीम पूरी तरह से बोर्ड के निर्देशों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि मैच का परिणाम पहले ही स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर आ चुका था और अब टीम का पूरा ध्यान आगामी एशियाई खेलों की तैयारियों पर है। मुख्य समारोह के बहिष्कार के बाद खिलाड़ियों ने बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष Rajeev Shukla की मौजूदगी में मैदान के किनारे पर ही एक छोटा और अनौपचारिक पदक वितरण समारोह आयोजित किया।

सोमवार को देश की राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने टीम को इस बड़ी खेल उपलब्धि पर बधाई संदेश भेजे, हालांकि उनके संदेशों में पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान हुए इस गतिरोध का कोई जिक्र नहीं किया गया। अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच खेल के मोर्चे पर तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। बीसीसीआई को भी जनता और देश की तरफ से पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के सामान्य खेल संबंधों को लेकर भारी दबाव का सामना करना पड़ता है। हालांकि, सरकारी नीतियों के तहत भारतीय टीमें बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेना जारी रखती हैं लेकिन इस तरह के कूटनीतिक विरोध आने वाले समय में खेल आयोजनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

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