Dubai में भारत की महिला टीम ने जीता एशिया कप, पर ट्रॉफी लेने से किया साफ इनकार।

Sushma Kumari13 September 20262 min read31 viewsUAE
Dubai में भारत की महिला टीम ने जीता एशिया कप, पर ट्रॉफी लेने से किया साफ इनकार।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवां महिला एशिया कप खिताब अपने नाम कर लिया है। इस शानदार जीत के दौरान भारत की ओर से शेफाली वर्मा ने 68 रन और स्मृति मंधाना ने 59 रन की बेहतरीन पारी खेली, जबकि गेंदबाजी में श्री चरानी ने चार और दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट चटकाए। लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के बाद मैदान पर कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और मैच के बाद का पूरा माहौल बदल गया।

ट्रॉफी समारोह में हुआ बड़ा विवाद

मैच खत्म होने के बाद जब पुरस्कार वितरण समारोह का समय आया, तो भारतीय महिला टीम ने विजेता की ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में पूरी भारतीय टीम मंच पर नहीं आई और इस वजह से समारोह में 40 से 50 मिनट की देरी भी हुई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी कि यह फैसला एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी न लेने के कारण लिया गया।

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श्रीलंकाई कप्तान चमारी अथापट्टू और उनकी टीम ने श्रीलंका क्रिकेट के अंतरिम प्रमुख एरन विक्रमरत्ने से अपने रनर-अप पदक और चेक प्राप्त किए, लेकिन भारतीय खिलाड़ी मंच पर बिल्कुल नजर नहीं आईं। इस दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवाजीत सैकिया भी वहां मौजूद थे, जिन्होंने मुख्य कार्यक्रम से पहले नंदिनी शर्मा को फील्डिंग मेडल प्रदान किया था।

पिछले साल पुरुष टीम ने भी किया था ऐसा

यह पूरा मामला सितंबर 2025 की एक पुरानी घटना की याद दिलाता है, जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने भी दुबई में आयोजित एशिया कप के दौरान मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। वह ट्रॉफी आज भी दुबई स्थित एसीसी कार्यालय में ही रखी हुई है। रविवार को हुए इस समारोह के दौरान मोहसिन नकवी मंच पर ही मौजूद रहे, लेकिन जब भारतीय टीम ट्रॉफी लेने के लिए बाहर नहीं आई, तो वे स्टेडियम से चले गए। बीसीसीआई ने हमेशा से अपने खिलाड़ियों के इस फैसले का समर्थन किया है और पहले भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC के सामने इन protokol के मुद्दों को उठाने की बात कही है।

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