सुरक्षा कारणों से इंडिगो और एयर इंडिया समेत कई भारतीय एयरलाइंस ने सऊदी अरब की उड़ानें रद्द कीं
इंडिगो और एयर इंडिया समेत कई भारतीय एयरलाइंस ने सुरक्षा खतरों के चलते सऊदी अरब की उड़ानें रद्द कर दी हैं।

रियाद: क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए इंडिगो, अकासा एयर, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी भारतीय एयरलाइंस ने सऊदी अरब आने-जाने वाली अपनी उड़ानों के निलंबन की अवधि बढ़ा दी है। इस फैसले से रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मदीना जैसे बड़े केंद्रों पर असर पड़ा है।
इंडिगो ने रियाद के लिए उड़ानों के निलंबन को 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है, जबकि जेद्दा, दम्माम और मदीना के लिए सेवाएं 27 अक्टूबर 2026 तक बंद रहेंगी। अकासा एयर ने जेद्दा की उड़ानों को 10 नवंबर और रियाद की उड़ानों को 30 नवंबर 2026 तक निलंबित रखा है। वहीं, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद, जेद्दा और दम्माम के लिए अपने अस्थायी निलंबन को 24 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है।
यह कदम हालिया हमलों के बाद उठाया गया है। किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए, जबकि शैबा ऑयलफील्ड पर हुए हमले में एक और भारतीय नागरिक घायल हुआ। सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, इस क्षेत्र में ईरान समर्थित हूतियों द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है।
हालात ऐसे हैं कि कुछ एयरपोर्ट चालू तो हैं, लेकिन वहां उड़ानों में अक्सर देरी और रद्दीकरण हो रहा है। अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को अब सऊदी एयरपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने जिन नागरिकों को तत्काल यात्रा करनी है, उन्हें वीजा लेने के बाद बहरीन, कुवैत या कतर के रास्ते जाने की सलाह दी है। दूतावास फंसे हुए उमराह तीर्थयात्रियों की मदद के लिए एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ तालमेल बिठा रहा है।
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 9 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 के बीच टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को 10 नवंबर 2026 तक यात्रा की तारीख बदलने या पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया है। अकासा एयर भी प्रभावित यात्रियों को मुफ्त रीशेड्यूलिंग या पूरा रिफंड दे रही है। राजनयिक अधिकारियों ने भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए हमला स्थलों की तस्वीरें या वीडियो न बनाने और न ही साझा करने की सलाह दी है।