अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव ने नए भारतीय राजदूत अभय कुमार से मुलाकात कर द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा की

बाकू (अजरबैजान): भारत के नवनियुक्त राजदूत अभय कुमार ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को अपना आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा। बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों को और बेहतर बनाने और उनके विकास के लिए काम करने पर बात हुई।
मुलाकात के दौरान राजदूत अभय कुमार ने कहा कि वह भारत और अजरबैजान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस बातचीत में सितंबर महीने में बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति अलियेव के बीच हुई चर्चा का भी जिक्र किया गया।
दोनों पक्षों ने भारत और अजरबैजान के लोगों के बीच हजारों सालों से चले आ रहे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी रिश्तों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
इससे पहले पिछले महीने राजदूत अभय कुमार ने अजरबैजान के विदेश मंत्रालय के उप मंत्री एलनूर मम्मदोव से मुलाकात की थी। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच आपसी हितों के मुद्दों और संबंधों पर चर्चा हुई।
इस मुलाकात के दौरान राजदूत कुमार ने उप मंत्री मम्मदोव को 'बाकू का टेम्पल ऑफ इटरनल फायर' नामक किताब भेंट की। यह किताब अतेशगाह फायर टेम्पल के जरिए भारत और अजरबैजान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बाकू के पास स्थित अतेशगाह फायर टेम्पल दोनों देशों के पुराने संबंधों का एक बड़ा उदाहरण है। 18वीं शताब्दी के इस स्मारक की दीवारों पर देवनागरी और गुरुमुखी लिपियों में लेख लिखे हुए हैं। यह उन भारतीय व्यापारियों के व्यापारिक संबंधों और मेहमाननवाजी का सबूत है जो सिल्क रूट के जरिए बाकू और गंजा जैसे शहरों से होते हुए यूरोप जाते थे।