सुधाकर दलेला काठमांडू पहुंचे, नेपाल में भारत के नए राजदूत के रूप में संभाला कार्यभार

भारत के नए राजदूत सुधाकर दलेला का काठमांडू आगमन। विदेश सचिव विक्रम मिसरी की यात्रा से ठीक पहले दलेला ने संभाली कमान।

Gautam Sahu3 November 20262 min read0 viewsWorld
सुधाकर दलेला काठमांडू पहुंचे, नेपाल में भारत के नए राजदूत के रूप में संभाला कार्यभार

काठमांडू (नेपाल): भारत के नवनियुक्त राजदूत सुधाकर दलेला मंगलवार दोपहर एयर इंडिया की फ्लाइट से काठमांडू पहुंचे। उन्होंने यहां अपना कार्यभार संभाल लिया है। एयरपोर्ट पर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

दलेला का यह आगमन भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी की निर्धारित आधिकारिक यात्रा से ठीक एक दिन पहले हुआ है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव 4 से 5 नवंबर तक दो दिवसीय दौरे पर नेपाल रहेंगे। इस यात्रा के दौरान वे आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

राजदूत सुधाकर दलेला 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उन्होंने अपने राजनयिक करियर की शुरुआत तेल अवीव, इजरायल से की थी। इसके बाद उन्होंने ब्रासीलिया, शिकागो, ढाका, जेनेवा, थिम्पू और वॉशिंगटन डीसी में भारतीय मिशनों में अपनी सेवाएं दीं। साल 2022 से 2025 तक वे भूटान में भारत के राजदूत रहे।

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नई दिल्ली में उनके कार्यकाल की बात करें तो वे 2009 से 2011 तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में निदेशक रहे। वहां उन्होंने दक्षिण एशियाई पड़ोसियों, पूर्वी एशिया, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, खाड़ी देशों, मध्य पूर्व और अफ्रीका के साथ भारत के जुड़ाव पर काम किया। विदेश मंत्रालय में उन्होंने 2006-2007 में निदेशक (उत्तर) और 2016-2019 तक संयुक्त सचिव (उत्तर) के रूप में भूटान और नेपाल के साथ संबंधों की देखरेख की।

दलेला के पास व्यापार और आर्थिक नीति का भी अनुभव है। वे वाणिज्य विभाग में निदेशक (व्यापार नीति) रहे और दो बार विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत के स्थायी मिशन में तैनात रहे, जिसमें 2014 से 2016 तक वे भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि थे। अमेरिका में उन्होंने शिकागो में काउंसल जनरल, राजनीतिक मामलों के मंत्री और वॉशिंगटन डीसी में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के तौर पर काम किया है।

1 सितंबर 2025 को उन्होंने विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) का पद संभाला था। नेपाल के राजदूत बनने से पहले वे भारत की आर्थिक कूटनीति, ग्लोबल साउथ के साथ विकास साझेदारी, अफ्रीका के साथ संबंधों और उभरती रणनीतिक प्रौद्योगिकियों का कार्यभार संभाल रहे थे। वे ब्रिक्स (BRICS), IBSA और I2U2 के लिए भारत के शेरपा भी रहे।

भारतीय विदेश सेवा में आने से पहले उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत और नेपाल के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जिनमें सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में काफी प्रगति हुई है। विदेश सचिव की यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को जारी रखेगी और द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करेगी।

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