ईरान में भारतीय राजदूत विश्वेश नेगी ने राष्ट्रपति को सौंपी क्रेडेंशियल्स

तेहरान में एक औपचारिक समारोह के दौरान भारत के नए राजदूत विश्वेश नेगी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन को अपनी क्रेडेंशियल्स सौंपी हैं। 6 अक्टूबर 2026 को हुए इस कार्यक्रम के साथ ही राजदूत नेगी ने आधिकारिक तौर पर अपना कार्यकाल शुरू कर दिया है। बता दें कि भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा नियुक्त किए जाने के बाद उन्होंने 3 सितंबर 2026 को अपना कार्यभार संभाल लिया था।
इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से उन द्विपक्षीय समझौतों को जल्द से जल्द लागू करने की अपील की, जिन पर 12-13 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान भारत यात्रा के समय सहमति बनी थी।
रणनीतिक रोडमैप और आर्थिक सहयोग पर जोर
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने दोनों देशों के बीच एक दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग रोडमैप तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने सुझाव दिया कि 'ईरान-भारत संयुक्त आर्थिक आयोग' को इन प्रयासों के लिए मुख्य ढांचे के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी लाभ के लिए आर्थिक साझेदारी का विस्तार करना और ब्रिक्स के भीतर बहुपक्षवाद को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
वहीं, राजदूत विश्वेश नेगी ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि हालिया राष्ट्रपति स्तर की यात्रा राजनयिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है। राजदूत नेगी ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार की मात्रा को बढ़ाना और आर्थिक सहयोग को अधिकतम करना है।
उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि खाद्य सामग्री और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बैंकिंग और लॉजिस्टिक संबंधी बाधाओं को दूर करना आवश्यक है। राजदूत ने भरोसा दिलाया कि वह दोनों देशों के नेतृत्व के विजन को धरातल पर उतारने और उसे ठोस राजनयिक व व्यावसायिक कार्यों में बदलने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।