भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग मजबूत, आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ ने की मास्को में उच्चस्तरीय बैठक.

भारतीय सेना के प्रमुख General Dhiraj Seth इन दिनों आधिकारिक यात्रा पर रूस की राजधानी मास्को में मौजूद हैं। वहां उन्होंने दोनों देशों के बीच आपसी सैन्य सहयोग को और ज्यादा मजबूत करने के लिए रूस के शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयां देने और युद्ध की तैयारी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से बातचीत हुई। रक्षा मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक यह दौरा दोनों देशों के पुराने और मजबूत रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अलेक्जेंडर गार्डन में दी गई श्रद्धांजलि
रूस पहुंचने के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल का कार्यक्रम बेहद सम्मान के साथ शुरू हुआ। रूसी ग्राउंड फोर्सेस के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल Alexander Matovnikov की अगुवाई में भारतीय दल ने अलेक्जेंडर गार्डन पहुंचकर अज्ञात सैनिक की कब्र पर पुष्प चक्र अर्पित किए। इसके बाद मास्को में ग्राउंड फोर्सेस के मुख्य कमान मुख्यालय में आधिकारिक द्विपक्षीय बातचीत का दौर शुरू हुआ। इस बैठक में दोनों देशों की सेनाओं की युद्धक क्षमता को बढ़ाने और साझा सैन्य सहयोग के तमाम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की गई।
तीन दिन की आधिकारिक यात्रा और आगे का कार्यक्रम
भारतीय थल सेना प्रमुख General Dhiraj Seth की यह यात्रा 16 सितंबर से 18 सितंबर तक तय की गई है। इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान वे रूसी सशस्त्र बलों के नेशनल डिफेंस मैनेजमेंट सेंटर और ग्राउंड फोर्सेस के प्रमुख सैन्य शिक्षण संस्थानों का भी दौरा कर रहे हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान वे रूसी लैंड फोर्सेस के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल Andrei Nikolayevich Mordvichev से भी मुलाकात करेंगे और पेशेवर सैन्य सहयोग तथा ट्रेनिंग से जुड़े मामलों पर चर्चा करेंगे।
रक्षा तकनीक में बढ़ रहा है आपसी सहयोग
भारत और रूस के बीच का रक्षा सहयोग समय के साथ काफी आगे बढ़ा है। पहले यह रिश्ता मुख्य रूप से खरीदार और विक्रेता तक सीमित था, लेकिन अब यह बदलकर आधुनिक रक्षा तकनीकों के संयुक्त अनुसंधान, विकास और उत्पादन तक पहुंच चुका है। रूस लंबे समय से भारत के लिए सैन्य उपकरण, इंजन, स्पेयर पार्ट्स और अन्य जरूरी कलपुर्जों का एक बहुत बड़ा और भरोसेमंद स्रोत रहा है। मास्को प्रवास के दौरान जनरल सेठ रूसी रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिले, जिनमें रक्षा उद्योग और खरीद मामलों को संभालने वाले उप रक्षा मंत्री Vasily Sergeyevich Osmakov भी शामिल रहे।
सेंट पीटर्सबर्ग का दौरा और सैन्य कूटनीति
मास्को में अपनी बैठकों को पूरा करने के बाद भारतीय थल सेना प्रमुख सेंट पीटर्सबर्ग की यात्रा भी करेंगे। वहां वे प्रसिद्ध Mikhailovskaya Military Artillery Academy जाएंगे और अकादमी के वरिष्ठ नेतृत्व तथा फैकल्टी के साथ बातचीत करेंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह पूरा दौरा इस बात का प्रमाण है कि दोनों देश सैन्य कूटनीति और आपसी सेना से सेना के संबंधों को कितना अधिक महत्व देते हैं। इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों से भारत और रूस के बीच का पुराना और अटूट रक्षा रिश्ता भविष्य में और अधिक मजबूत होगा।