खाड़ी क्षेत्र में हूती हमलों से भारतीय नागरिक घायल और दो नाविक लापता विदेश मंत्रालय ने स्थिति पर नजर रखी

नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। इन हमलों में कई भारतीय नागरिक घायल हुए हैं और दो नाविक लापता बताए जा रहे हैं।
सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित सऊदी अरामको शयबाह तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमला हुआ। 21 अक्टूबर 2026 को हुए इस हमले के दौरान एक भारतीय नागरिक घायल हो गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक इस घटना में नेपाल और फिलीपींस के एक-एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हुआ है।
इससे पहले 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमला हुआ था। इस हमले में घायल हुए हैदराबाद निवासी मोहम्मद यूसुफ अली की 11 अक्टूबर 2026 को मौत हो गई। 12 अक्टूबर तक की जानकारी के अनुसार, इस एयरपोर्ट हमले के कारण तीन भारतीय नागरिक आईसीयू में भर्ती हैं और दो अन्य का इलाज चल रहा है।
समुद्री क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर है। 11 अक्टूबर 2026 को ओमान के सोहर एंकरेज पर एमटी पेट्रो डॉल्फिन जहाज को ड्रोन से निशाना बनाया गया। शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि इस हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता हैं। हालांकि, जहाज के नौ अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है और स्थानीय कोस्ट गार्ड अभी भी लापता लोगों की तलाश कर रहा है।
सऊदी अरब में रह रहे करीब 26.5 लाख भारतीयों के लिए रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने 20 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा एडवाइजरी जारी की। दूतावास ने नागरिकों से सावधानी बरतने को कहा है। साथ ही सुझाव दिया कि जो लोग वहां से निकलना चाहते हैं, वे वीजा नियमों के आधार पर बहरीन, कुवैत या कतर के रास्तों पर विचार कर सकते हैं।
हवाई सेवाओं पर भी इसका बड़ा असर पड़ा है। एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर ने जेद्दा, रियाद, दम्माम और मदीना जैसे प्रमुख सऊदी शहरों के लिए अपनी उड़ानों के निलंबन को कम से कम 24 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है।