Oman Coast Attack: ओमान के पास मालवाहक जहाज पर हमला, उत्तर प्रदेश के एक भारतीय नाविक की मौत

ओमान के पास समुद्र में सफर कर रहे एक मर्चेंट जहाज पर अचानक हुए खतरनाक हमले में भारत के एक नाविक की जान चली गई है। यह घटना बुधवार, 23 सितंबर 2026 की है जब एंटीगुआ और बारबुडा का झंडा लगा हुआ मालवाहक जहाज MV Cape Dao ओमान के मुसंदम गवर्नर के पास पूर्वी तट से लगभग 25 नॉटिकल मील की दूरी पर आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल और दो खतरनाक टॉरपीडो से इस जहाज पर हमला कर दिया गया जिससे जहाज में भीषण आग लग गई और वह समुद्र में लावारिस हालत में तैरने लगा।
इस दर्दनाक हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नाविक की पहचान उत्तर प्रदेश के देoria जिले के रहने वाले वाइपर Suraj Yadav के रूप में हुई है। इस हमले के बाद ओमान की रॉयल नेवी ने तुरंत मोर्चा संभाला और जहाज पर मौजूद कुल 28 क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। ओमान की नौसेना ने बहादुरी दिखाते हुए 27 लोगों की जान बचा ली लेकिन इस दुखद हादसे में एक भारतीय नागरिक अपनी जान गंवा بیٹھا। बचाए गए लोगों में भारतीयों की संख्या को लेकर थोड़ी असमंजस की स्थिति बनी हुई है जहां भारतीय दूतावास के अनुसार 19 भारतीय शामिल थे वहीं फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया यानी FSUI का कहना है कि जहाज पर 20 भारतीय नाविक मौजूद थे।
जहाज को पहुंचा भारी नुकसान
हमले में इस्तेमाल किए गए टॉरपीडो ने जहाज को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। एक टॉरपीडो सीधे सी-डेक क्रू क्वार्टर पर जाकर गिरा जबकि दूसरा टॉरपीडो इंजन रूम के पास पोर्ट साइड हल से टकराया जिससे जहाज के भीतर भयानक आग लग गई। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय यानी MEA ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कमर्शियल शिपिंग, नाविकों और आम नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक औपचारिक बयान जारी किया जिसे आप यहां विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। सरकार ने मृतक नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और क्षेत्र में शांति तथा मुक्त आवाजाही बहाल करने के लिए तुरंत बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की मांग की है।
ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास लगातार इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखे हुए है और ओमान के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर जिंदा बचे भारतीय नाविकों को सुरक्षित उनके वतन वापस लाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। दूसरी ओर फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने इस मामले में कड़ी जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है। यूनियन का कहना है कि इस तरह की जानलेवा घटना के बाद समुद्र में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा के लिए दिए जाने वाले मौजूदा भरोसे और इंतजाम अभी भी नाकाफी साबित हो रहे हैं जिससे गल्फ क्षेत्र में काम करने वाले नाविकों और उनके परिवारों में भारी चिंता का माहौल बना हुआ है।