Strait of Hormuz में तेल टैंकरों पर हमला, सभी 29 भारतीय नाविक सुरक्षित
Strait of Hormuz में MT Louise 1 और MT Arzanah पर हमले हुए। सभी 29 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, भारत सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

मुसकैट: Strait of Hormuz में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को पनामा ध्वज वाले तेल टैंकर MT Louise 1 पर लिम्पेट माइन्स से हमला किया गया। इस हमले के दौरान जहाज पर सवार सभी 27 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई है।
यह घटना ओमान के खसब से करीब 25 समुद्री मील (46 किमी) उत्तर-पूर्व में हुई। एक छोटी नाव के जरिए जहाज के निचले हिस्से (हल) में लिम्पेट माइन्स चिपका दिए गए थे। धमाकों की वजह से इंजन रूम में आग लग गई, जिसे चालक दल ने सफलतापूर्वक बुझा दिया और जहाज अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गया।
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पुष्टि की है कि इस हमले में दो विस्फोटक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था। राहत की बात यह रही कि इस घटना से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि भारत सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। चालक दल के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए शिप मैनेजमेंट फर्मों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को जानकारी दी कि क्षेत्र में चार टैंकरों में आग लगी। IRGC का दावा है कि 20 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा रहा एक टैंकर अनधिकृत रास्तों का उपयोग करते समय एक नौसैनिक माइन की चपेट में आ गया।
इसी बीच, लाइबेरिया ध्वज वाले VLCC MT Arzanah पर भी एक अलग प्रोजेक्टाइल हमला हुआ। इस जहाज पर सवार दो अन्य भारतीय नागरिक भी सुरक्षित बताए गए हैं। इस तरह इन दोनों घटनाओं में कुल 29 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (JMIC) ने Strait of Hormuz में खतरे के स्तर को बढ़ाकर 'गंभीर' कर दिया है और नाविकों को माइनिंग गतिविधियों के प्रति आगाह किया है। फरवरी 2026 में अमेरिका-ईरान संघर्ष बढ़ने के बाद से यह पहला मौका है जब किसी टैंकर पर लिम्पेट माइन्स का सफल इस्तेमाल हुआ है। इससे पहले ड्रोन और मिसाइल हमलों का चलन था।
MT Louise 1 को जुलाई 2026 में यूक्रेनी नौसैनिक ड्रोनों ने भी निशाना बनाया था। बढ़ते तनाव के बीच इस क्षेत्र से होने वाला व्यावसायिक शिपिंग प्रभावित हुआ है और तेल निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर से 51 प्रतिशत नीचे गिर गया है।