सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हूती ड्रोन हमले में गोरखपुर का बस ड्राइवर कमलेश पांडेय मारा गया
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हूती ड्रोन हमले में गोरखपुर के भारतीय बस ड्राइवर कमलेश पांडेय की मौत हो गई।

दम्माम (सऊदी अरब): सऊदी अरब के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले में भारत के एक नागरिक की जान चली गई। मरने वाले की पहचान 37 वर्षीय कमलेश पांडेय के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के निवासी थे।
कमलेश पांडेय गोरखपुर के बंसगांव इलाके के किशुनपुर उर्फ बगही गांव के रहने वाले थे। वह एयरपोर्ट पर बस ड्राइवर और ग्राउंड स्टाफ के तौर पर काम करते थे और पिछले तीन साल से वहां तैनात थे। पांच महीने पहले ही वह दोबारा सऊदी अरब लौटे थे।
इस हमले में एक सऊदी नागरिक की भी मौत हुई और आठ अन्य लोग घायल हुए। घायलों में दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है या जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है। कमलेश पांडेय अपने पीछे पत्नी सुनीता और 14 व 10 साल की दो बेटियों को छोड़ गए हैं। वह हरिश्चंद्र पांडेय के बेटे थे।
रियाद में भारतीय दूतावास कमलेश के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के लिए उनके परिवार की मदद कर रहा है। इसी दिन पूर्वी प्रांत में सऊदी अरामको के शैबाह ऑयलफील्ड पर भी ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक फिलीपीिनो और एक नेपाली कर्मचारी की मौत हो गई। वहां एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए हैं।
इससे पहले 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर मिसाइल हमला हुआ था। उस हमले में हैदराबाद के 46 वर्षीय मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई थी और उनकी पत्नी व तीन बच्चे घायल हुए थे।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए इन हमलों की निंदा की है और इन्हें अस्वीकार्य बताया है। क्षेत्रीय तनाव के कारण एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस ने उड़ानें निलंबित कर दी हैं, जिससे फंसे हुए उमराह तीर्थयात्रियों को बहरीन, कतर और कुवैत के रास्ते वापस लाने की कोशिशें की जा रही हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 से अब तक 3 लाख से ज्यादा भारतीय घर लौट चुके हैं।