सऊदी एयरपोर्ट्स पर हूती हमलों के बाद अलर्ट, भारतीय दूतावास ने भारतीयों को घर में रहने की सलाह दी

सऊदी अरब के दो प्रमुख हवाई अड्डों पर हुए भीषण हमलों के बाद रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीयों को सतर्क रहने, जरूरत पड़ने पर घर के अंदर रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। यह कदम अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों के बाद उठाया गया है, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई और 36 लोग घायल हुए हैं।
भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि लोग वर्तमान स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें। साथ ही, भारतीयों को यह सख्त हिदायत दी गई है कि वे इन घटनाओं से जुड़े किसी भी वीडियो या अपुष्ट खबर को सोशल मीडिया पर साझा या रीपोस्ट न करें। हालांकि, राहत की बात यह है कि रियाद में भारतीय दूतावास, जेद्दा में वाणिज्य दूतावास और VFS सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र (PBSK) का टोल फ्री नंबर 8002471234 उपलब्ध कराया गया है।
नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले की भारत ने की निंदा
भारत सरकार ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान जारी कर कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। भारत ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। भारत ने इस कठिन समय में सऊदी अरब की सरकार और वहां के लोगों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है।
सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के अनुसार, ये हमले 6 और 7 अक्टूबर को अलग-अलग हुए थे। अब्हा एयरपोर्ट पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हुई और 28 घायल हुए, जबकि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति की जान गई और आठ लोग घायल हुए। इसके अलावा, रियाद में एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के बाद उसके मलबे से एक किंडरगार्टन और एक मेडिकल क्लिनिक कॉम्प्लेक्स को भी नुकसान पहुंचा है।
दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन बलों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए यमन में उनके 82 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। गठबंधन बलों के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने साफ तौर पर कहा है कि नागरिकों और नागरिक संपत्तियों पर किए गए इन बर्बर हमलों को माफ नहीं किया जाएगा और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।