फिलीपींस में भारतीय दूतावास ने मनाया हिंदी दिवस, प्रतियोगिताओं में लोगों ने लिया हिस्सा।

फिलीपींस की राजधानी मनीला में भारतीय दूतावास ने बड़े ही उत्साह के साथ हिंदी दिवस का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व और उसकी समृद्धि को लोगों के सामने रखना था। इस खास मौके पर दूतावास की तरफ से कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था जिसमें लोगों ने बहुत ही जोश के साथ हिस्सा लिया और अपनी कला का प्रदर्शन किया। फिलीपींस में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बात की जानकारी साझा की और बताया कि कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम की मुख्य बातें और प्रस्तुतियां
इस पूरे कार्यक्रम की शुरुआत भारत के गृह मंत्री के संदेश को पढ़कर की गई। इसके बाद सभी लोगों ने मिलकर राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन किया। दूतावास द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में निबंध लेखन, हिंदी वीडियो-मेकिंग और हिंदी आशुभाषण यानी एक्सटेम्पोर जैसी कई प्रतियोगिताएं रखी गई थीं। इन सभी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले लोगों ने अपनी प्रतिभा और हिंदी भाषा के प्रति अपने प्रेम को बहुत ही बेहतरीन तरीके से सबके सामने रखा। इस आयोजन ने वहां रहने वाले भारतीयों और भाषा प्रेमियों को अपनी संस्कृति से जुड़ने का एक बहुत अच्छा मौका दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संदेश
इस अवसर पर भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के लोगों से अपील की थी कि वे दुनिया की जितनी चाहें उतनी भाषाएं सीखें लेकिन अपनी मातृभाषा को कभी न छोड़ें। हिंदी दिवस के मौके पर अपनी संस्कृति और भाषा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने एक वीडियो संदेश भी जारी किया था। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारतीय संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था। हालांकि आजादी के बाद एक अजीब स्थिति पैदा हो गई थी जहां राजनीतिक आजादी तो मिल गई लेकिन अपनी भाषा, संस्कृति और आत्मसम्मान से जुड़े मुद्दों को पीछे छोड़ दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लाल किले की प्राचीर से औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति पाने की बात कही थी और इसमें भाषा की भूमिका सबसे अहम होती है।
मातृभाषा में बात करने की अपील
गृह मंत्री ने देश के सभी माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के साथ हमेशा अपनी मातृभाषा में ही बातचीत करें। उन्होंने कहा कि यह सोचना बहुत गलत है कि अपनी भाषा में बात करने से इंसान छोटा महसूस होता है। भाषा ही वह जरिया है जो हमें हमारी मां, हमारी मिट्टी, हमारे इतिहास और हमारी संस्कृति से जोड़कर रखती है। हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है और यह दिन भारत के अलग-अलग भाषाई और सांस्कृतिक समुदायों को आपस में जोड़ने का काम करता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप भारतीय दूतावास फिलीपींस के एक्स पोस्ट पर जा सकते हैं।