रियाद में भारतीय दूतावास ने की बीमार भारतीय नागरिक की स्वदेश वापसी

विदेशी धरती पर अपनों से दूर रहना और फिर किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाना, किसी भी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए एक डरावने सपने जैसा होता है। ऐसे मुश्किल वक्त में अगर अपनों का साथ और देश के दूतावास का सहयोग मिल जाए, तो उम्मीद की एक नई किरण जाग उठती है। कुछ ऐसा ही राहत भरा कदम उठाया है सऊदी अरब में स्थित भारतीय दूतावास ने, जिसने एक गंभीर रूप से बीमार भारतीय नागरिक को सुरक्षित उसके वतन वापस पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
मुश्किल घड़ी में मसीहा बना दूतावास
दम्मम, सऊदी अरब में गंभीर चिकित्सीय स्थिति के चलते अस्पताल में भर्ती भारतीय नागरिक वेसाल अहमद के लिए यह सफर आसान नहीं था। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए भारत लौटना जरूरी था, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति और यात्रा का खर्च एक बड़ी बाधा बन रहा था। ऐसे समय में रियाद स्थित भारतीय दूतावास देवदूत बनकर सामने आया।
दूतावास ने न सिर्फ उनकी मेडिकल स्थिति को गंभीरता से समझा, बल्कि उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए स्ट्रेचर टिकट की व्यवस्था भी की। इसके साथ ही, यात्रा के दौरान उनकी देखभाल के वास्ते एक मेडिकल एस्कॉर्ट के खर्चे का जिम्मा भी उठाया गया, ताकि वे सुरक्षित अपने देश पहुंच सकें और आगे का इलाज जारी रख सकें।
प्रवासी भारतीयों के लिए निरंतर प्रयास
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की मदद के लिए भारतीय मिशन लगातार तत्पर रहता है। यह घटना केवल एक व्यक्ति की सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खाड़ी क्षेत्र में रह रहे हर भारतीय को यह विश्वास दिलाती है कि संकट के समय उनका देश उनके साथ खड़ा है। भारत और सऊदी अरब के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों के बीच इस तरह के मानवीय कदम दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और सौहार्द को और प्रगाढ़ करते हैं।