सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हूती हमले में गोरखपुर का भारतीय कामगार मारा गया और कई उड़ानें रद्द हुईं
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हूती हमले में गोरखपुर के भारतीय कामगार कमलेश पांडे की मौत हो गई। कई उड़ानें रद्द होने से तीर्थयात्री फंसे हैं।

दम्माम: सऊदी अरब के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हूती हमले में भारत के एक नागरिक की जान चली गई। 21 अक्टूबर 2026 की रात को हुए इस मिसाइल या ड्रोन हमले में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी 36 वर्षीय कमलेश पांडे की मौत हो गई।
कमलेश पांडे पिछले चार-पांच सालों से इस एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ और पुशबैक ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे थे। जिस वक्त हमला हुआ, वह टग ट्रैक्टर चला रहे थे। इस हादसे में सुल्तान अल-काहतानी नाम के एक सऊदी एयरपोर्ट कर्मचारी की भी मौत हो गई, जिनकी जान धुंआ अंदर जाने की वजह से गई।
हमले में आठ अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो भारतीय भी शामिल हैं। इनमें से एक भारतीय को 22 अक्टूबर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई, जबकि दूसरे के जल्द ही डिस्चार्ज होने की उम्मीद है। रियाद में भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कमलेश के पार्थिव शरीर को वापस लाने की कोशिश कर रहा है।
क्षेत्र में उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने से शव को लाने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद और दम्माम के लिए अपनी उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक और जेद्दा के लिए 31 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। इंडिगो ने भी 31 अक्टूबर तक रियाद की सेवाएं बंद रखी हैं और अकासा एयर ने भी कई रूट स्थगित किए हैं।
इन उड़ानों के रद्द होने से मक्का, मदीना और अन्य शहरों में हजारों भारतीय उमराह तीर्थयात्री फंस गए हैं। भारतीय दूतावास ने जेद्दा और मक्का में कंट्रोल रूम बनाए हैं और 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की है ताकि फंसे हुए लोगों को भोजन, चिकित्सा सहायता और यात्रा में मदद मिल सके।
कमलेश पांडे गोरखपुर के बंसगांव स्थित किशुनपुर गांव के रहने वाले थे और उनके पिता का नाम हरीश चंद्र पांडे है। वह पहले बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी काम कर चुके थे। उनके परिवार में पत्नी सुनीता और दो बेटियां तन्वी (14 वर्ष) और तान्या (10 वर्ष) हैं।
इससे पहले 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हूती हमले में हैदराबाद के आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई थी और उनका परिवार गंभीर रूप से घायल हुआ था। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 28 फरवरी के आसपास शुरू हुए इस क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान कई भारतीय हताहत हुए हैं और एक व्यक्ति लापता है।
मंत्रालय ने बताया कि अब तक 3 लाख से ज्यादा भारतीय इस क्षेत्र से वापस लौट चुके हैं। फिलहाल जीसीसी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं। सऊदी अधिकारियों ने कहा है कि एयरपोर्ट पर कामकाज फिर से शुरू हो रहा है, लेकिन शायबाह तेल क्षेत्र जैसे ठिकानों पर हमलों के बाद सुरक्षा स्थिति अब भी अस्थिर है। दूतावास ने भारतीयों को शांत रहने और स्थानीय कानूनों का पालन करने की सलाह दी है।