यूएई लॉटरी में 10 करोड़ दिरहम जीतने वाले भारतीय अनिलकुमार ने बताया एक साल बाद कैसा बदला जीवन
अबू धाबी के भारतीय आईटी प्रोफेशनल अनिलकुमार बोल्ला ने 10 करोड़ दिरहम की लॉटरी जीतने के एक साल बाद अपने अनुभव साझा किए।

अबू धाबी: यहां रहने वाले भारतीय आईटी प्रोफेशनल अनिलकुमार बोल्ला ने यूएई लॉटरी में रिकॉर्ड तोड़ रकम जीतने के एक साल बाद अपने अनुभव साझा किए हैं। अनिलकुमार ने 18 अक्टूबर 2025 को 'लकी डे ड्रॉ' में 10 करोड़ दिरहम का जैकपॉट जीता था। उस समय उनकी उम्र 29 साल थी और वे इस बड़ी राशि को जीतने वाले इकलौते विजेता थे।
लॉटरी ऑपरेटर ने 27 अक्टूबर 2025 को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की थी कि अनिलकुमार ने सात नंबरों का सही मिलान किया है। इस जीत के लिए उन्होंने करीब 88 लाख में से एक की संभावना को मात दी थी। कमर्शियल गेमिंग डायरेक्टर स्कॉट बर्टन के मुताबिक यह देश में अब तक का सबसे बड़ा लॉटरी पुरस्कार था।
बीते एक साल को बदलाव वाला बताते हुए अनिलकुमार ने कहा कि उनके लिए सबसे जरूरी अपने परिवार के साथ समय बिताना है। उन्होंने इस पैसे से यूएई में अबू धाबी एयरपोर्ट के पास और दुबई मरीना में संपत्तियां खरीदी हैं। इसके अलावा उन्होंने भारत में भी रियल एस्टेट में निवेश किया है।
अनिलकुमार ने अपनी मां को सोने का हार, अंगूठियां और चूड़ियां तोहफे में दी हैं। उन्होंने अपने पिता के लिए खेती की जमीन खरीदी ताकि वे ऑर्गेनिक फार्मिंग कर सकें। उनका परिवार भारत में अपने सपनों के घर में रहता है।
इतना ही नहीं, उन्होंने अपने और अपने भाई के लिए नई गाड़ियां, आईफोन 17 एयर और कई लग्जरी घड़ियां खरीदी हैं। उन्होंने बाली, थाईलैंड और एम्स्टर्डम की यात्रा भी की। फिलहाल वे नए बिजनेस और लंबी अवधि के प्रॉपर्टी निवेश के विकल्पों को देख रहे हैं।
दूसरों को सलाह देते हुए अनिलकुमार ने कहा कि विनम्र रहें, अपने पैसों का सही प्रबंधन करें और अनुशासन के साथ समझदारी से खर्च करें।
यूएई लॉटरी जनरल कमर्शियल गेमिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी (GCGRA) के लाइसेंस के तहत चलती है। इसका लकी डे ड्रॉ हर दूसरे शनिवार रात 8:30 बजे होता है, जिसमें केवल 18 साल या उससे अधिक उम्र के यूएई निवासी हिस्सा ले सकते हैं। ऑपरेटर ने यह भी चेतावनी दी है कि बंद हो चुकी महज़ूज़ लॉटरी से जुड़े किसी भी दावे फर्जी हैं।