Saudi Arabia में हूती हमलों से भारतीय प्रवासी घायल, नई दिल्ली ने जताई गहरी चिंता.

सऊदी अरब की धरती पर हुए हालिया हमलों के बाद वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आ रही है। हूती विद्रोहियों की तरफ से लगातार दागे जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आने से कुछ भारतीय नागरिक भी घायल हो गए हैं। इस पूरे मामले पर भारत सरकार ने अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है और इस तरह के हमलों को पूरी तरह से गलत बताया है। सऊदी अरब में इस समय लाखों भारतीय अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, ऐसे में इन हमलों ने वहां रह रहे लोगों और उनके परिवारों की नींद उड़ा दी है।
विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा
दिनांक 18 सितंबर 2026 को विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने एक औपचारिक बयान जारी किया। इस बयान में सऊदी अरब की जमीन पर हुए इन हमलों की कड़ी शब्दों में निंदा की गई। सरकार ने साफ कहा कि आम नागरिकों और आर्थिक ठिकानों पर इस तरह के हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। इसके अलावा भारत ने लाल सागर की स्थिति और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता पर मंडरा रहे खतरे को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की है।
अस्पताल पहुंचे महावाणिज्य कंसुल
हूती विद्रोहियों के इन हमलों ने सऊदी अरब के कई प्रमुख शहरों जैसे खमीस मुशाइत, आभा, तािफ और जिजान को निशाना बनाया। आपको बता दें कि मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक सऊदी अरब में लगभग 27.48 लाख भारतीय नागरिक रहते हैं, जो कंस्ट्रक्शन, एनर्जी और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर घायलों की पूरी सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन भारतीय मिशन ने इस बात की पुष्टि की है कि इन हमलों में कुछ भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। हालात का जायजा लेने के लिए 14 सितंबर को जेद्दा में भारत के कौंसुल जनरल Fahad Ahmed Khan Suri ने डॉ. सुलेमान फकीह अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने वहां भर्ती घायल भारतीय मरीजों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव कांसुलर मदद देने का पूरा भरोसा दिलाया।
उत्तराखंड के ड्राइवर का मामला आया सामने
एक तरफ जहां हमलों से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विदेश मंत्रालय उत्तराखंड के एक ट्रक ड्राइवर Indramani Nautiyal के मामले पर भी नजर बनाए हुए है। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के रहने वाले इंद्रमणि नौटियाल साल 2018 से सऊदी अरब में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे हैं। एक ट्रैफिक दुर्घटना से जुड़े 2.29 करोड़ रुपये के जुर्माने का भुगतान मालिक द्वारा न किए जाने के कारण वे वहां एक तरह से बंधक जैसी स्थिति में फंसे हुए हैं। इस गंभीर मामले को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने विदेश मंत्री S. Jaishankar को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी
प्रवासियों की सुरक्षा और अन्य मुद्दों को हल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से मुलाकात की थी। इसके अलावा विदेश राज्य मंत्री Kirti Vardhan Singh ने भी हाल ही में सऊदी अरब में एक भारतीय श्रम शिविर का दौरा किया था। तमाम कोशिशों के बावजूद दक्षिणी शहरों और समुद्री रास्तों पर काम करने वाले कामगारों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। रियाद और जेद्दा स्थित भारतीय दूतावासों या प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करके सहायता प्राप्त की जा सकती है।