यूएई के अजमान में दो भारतीय बंधक, रिहाई के लिए मांगी 6 हजार दिरहम फिरौती
अजमान में नौकरी के झांसे में फंसे दो भारतीयों को बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा है। नियोक्ता ने रिहाई के लिए फिरौती मांगी है।

अजमान (यूएई): संयुक्त अरब अमीरात के अजमान में नौकरी के झूठे वादे कर बुलाए गए दो भारतीय नागरिक अब वहां बंधक बन चुके हैं। उनके नियोक्ता ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं और रिहाई के बदले प्रति व्यक्ति 6,000 दिरहम (करीब 1.35 लाख रुपये) की फिरौती मांगी है।
पीड़ितों को वहां जबरन मजदूरी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस पूरे मामले का खुलासा 1 नवंबर 2026 को हुआ, जब इम्तियाज अली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अपील पोस्ट की। इस पोस्ट के बाद दुबई पुलिस ने हस्तक्षेप किया और मदद के लिए मामला अजमान पुलिस को सौंप दिया।
खाड़ी देशों में भारतीय प्रवासियों के साथ भर्ती घोटाले का यह एक गंभीर मामला है। यूएई में वर्तमान में 40 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और केरल जैसे राज्यों के लोग अक्सर एजेंटों के जरिए वीजा लेकर यहां आते हैं और इसके लिए बड़ी रकम भी चुकाते हैं।
ऐसे कई मामलों में श्रमिकों का शोषण देखा गया है, जहां उनसे 16-16 घंटे काम कराया जाता है, वेतन नहीं दिया जाता और उनके यात्रा दस्तावेज अवैध रूप से जब्त कर लिए जाते हैं। साल 2026 की शुरुआत में भी राजस्थान और झारखंड के श्रमिकों के साथ इसी तरह के शोषण की घटनाएं सामने आई थीं।
यूएई में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने नागरिकों को बार-बार सलाह दी है कि वे नौकरी के लिए विजिट वीजा पर न आएं। उन्होंने आधिकारिक और पंजीकृत माध्यमों का ही उपयोग करने को कहा है। अब स्थानीय सामुदायिक संगठनों और अधिकारियों से मांग की गई है कि वे नियोक्ता की जांच करें और पीड़ितों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें।