भारत की जीडीपी में आई जबरदस्त तेजी, फिर भी ग्लोबल दबाव की वजह से शेयर बाजार की हुई कमजोर शुरुआत।

भारतीय शेयर बाजार में आज मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को कामकाज की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। एक तरफ देश की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन करते हुए 7.8% की शानदार जीडीपी ग्रोथ दर्ज की है, तो दूसरी तरफ दुनिया भर से आ रही बुरी खबरों और महंगे कच्चे तेल के दाम ने निवेशकों के उत्साह को थोड़ा कम कर दिया। बाजार की इस सुस्त चाल की वजह से निवेशकों के मन में अभी भी थोड़ा डर बना हुआ है, हालांकि अंदरूनी अर्थव्यवस्था काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।
कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 95.14 अंक यानी करीब 0.12% की गिरावट के साथ 76,862.13 अंक के स्तर पर खुला। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 21.35 अंक यानी 0.09% फिसलकर 24,059.05 अंक पर पहुंच गया। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे कमजोर संकेत और लगातार बढ़ते क्रूड ऑयल के दाम बताए जा रहे हैं, जिसका असर सीधे तौर पर देश के वित्तीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
सरकार और आंकड़ों की जुबानी अर्थव्यवस्था का हाल
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा गत 31 अगस्त को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश की विकास दर उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर रही है। भारतीय रिजर्व बैंक ने पहले केवल 7% की ग्रोथ का अनुमान लगाया था, जिसे पीछे छोड़ते हुए अर्थव्यवस्था ने 7.8% की दर हासिल की। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस शानदार प्रदर्शन को एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका पूरा श्रेय सरकार द्वारा उठाए गए सुधारवादी कदमों और सही आर्थिक प्रबंधन को दिया। इसके अलावा अप्रैल से जून की अवधि के दौरान ग्रॉस वैल्यू एडेड यानी GVA में भी 8.2% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वैश्विक स्तर पर बनी है अनिश्चितता
घरेलू स्तर पर भले ही अर्थव्यवस्था के आंकड़े बहुत मजबूत हों, लेकिन वैश्विक बाजार की चिंताएं निवेशकों को खुलकर पैसा लगाने से रोक रही हैं। इस समय ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव लगातार 90 से 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इसके पहले 31 अगस्त को हुए सत्र में भी बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, जहां सेंसेक्स 307.24 अंक लुढ़ककर 76,957.27 पर बंद हुआ था और निफ्टी में भी 95.25 अंक की गिरावट दर्ज हुई थी। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी बाजार इसी दायरे में ऊपर-नीचे होता रहेगा और निफ्टी के 23,800 से 24,600 अंक के बीच ही घूमने की उम्मीद है क्योंकि दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।