विदेश मंत्रालय: वैश्विक संघर्षों में 28 भारतीयों की मौत, 3 लाख लोग स्वदेश लौटे
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया और ब्लैक सी संघर्ष में 28 भारतीयों की जान गई है। फरवरी से अब तक 3 लाख से ज्यादा लोग भारत लौटे हैं।

नई दिल्ली: दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्षों के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों की स्थिति पर बड़ा अपडेट दिया है। मंत्रालय के मुताबिक, अब तक कुल 28 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। इनमें से 23 मौतें पश्चिम एशिया के संघर्ष में हुई हैं, जिनमें 15 नाविक शामिल हैं।
हालिया घटना में गुजरात के नाविक गंधार नाहिम अजीज की मौत हो गई। 2 नवंबर 2026 को ओमान के लीमाह के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज MSV AL JUSUFI पर हुए हमले में उनकी जान गई। ओमान के अधिकारियों ने जहाज से 13 अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है। भारतीय दूतावास अब इन सदस्यों की वापसी और मृतक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की तैयारी कर रहा है।
पश्चिम एशिया के अलावा ब्लैक सी क्षेत्र में भी व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों में पांच भारतीयों की मौत हुई है और दो लोग लापता बताए गए हैं। इससे पहले 20 मार्च 2026 की रिपोर्ट में खाड़ी क्षेत्र में छह मौतों और एक व्यक्ति के लापता होने की बात कही गई थी, लेकिन तनाव बढ़ने के साथ यह संख्या अब काफी बढ़ गई है।
सरकार के प्रयासों से फरवरी 2026 से अब तक 3 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिक वापस देश लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शांति और समुद्री सुरक्षा बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। मंत्रालय ने नागरिक बुनियादी ढांचे और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों पर गहरी चिंता जताई है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्वतंत्र नौवहन की मांग की है।
सुरक्षा हालात को देखते हुए केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय समुद्री घटनाओं पर नजर रख रहा है। भारतीय राजनयिक मिशनों ने 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम बनाए हैं, जो नागरिकों को भोजन, दवा और अन्य जरूरी मदद मुहैया करा रहे हैं।
वहीं, सऊदी अरब की विभिन्न उड़ानों को लेकर एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा एयर जैसी एयरलाइनों ने नवंबर 2026 के मध्य और अंत तक अपनी उड़ानों के निलंबन की अवधि बढ़ा दी है।