नौसेना-वायुसेना ने अरब सागर में लुटेरों से छुड़ाए 20 ईरानी नाविक, ईरान ने कहा शुक्रिया
भारतीय नौसेना और वायुसेना ने अरब सागर में समुद्री लुटेरों के चंगुल से 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया। ईरान ने भारत का आभार जताया।

नई दिल्ली: अरब सागर में समुद्री लुटेरों द्वारा कब्जा किए गए मछली पकड़ने वाले जहाज 'अज़िनी' के 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को भारतीय नौसेना और वायुसेना ने एक साझा ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित बचा लिया है। इस सफल बचाव अभियान के बाद नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भारत सरकार और भारतीय सशस्त्र बलों का आभार व्यक्त किया है।
ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए भारतीय नौसेना और वायुसेना की व्यावसायिकता, साहस और प्रभावी समन्वय की सराहना की। दूतावास ने कहा कि यह ऑपरेशन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता और सीमाओं से परे जीवन बचाने की उसकी भूमिका को दर्शाता है।
दूतावास ने इस मानवीय अभियान को दोनों देशों के बीच पुराने संबंधों का प्रतिबिंब बताते हुए इसे ईरान और भारत के बीच दोस्ती, एकजुटता और सहयोग की भावना का प्रतीक बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि यह ऑपरेशन मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में चलाया गया था। 2 नवंबर को संपन्न हुए इस मिशन में नौसेना ने 48 घंटे तक चले एक समन्वित ऑपरेशन के बाद जहाज का पता लगाया और उसे इंटरसेप्ट कर भारी हथियारों से लैस लुटेरों से चालक दल को मुक्त कराया।
राजनाथ सिंह ने X पर अपनी प्रतिक्रिया में भारतीय नौसेना को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना के समय पर सहयोग से चालक दल और जहाज की सुरक्षित रिहाई संभव हो सकी। उन्होंने इसे नौसेना की उच्च परिचालन तैयारी और क्षेत्र में समुद्री खतरों का निर्णायक जवाब देने की क्षमता का प्रमाण बताया।
रक्षा मंत्री ने मिशन में शामिल कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि हमारे बहादुर जवानों ने एक बार फिर जीवन की रक्षा करने, समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के भारत के संकल्प को साबित किया है। उन्होंने दोहराया कि भारत सुरक्षित समुद्र और एक स्वतंत्र, खुले तथा सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र को सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों को जारी रखेगा।